मंडी। सदर क्षेत्र में निजी भूमि पर कथित रूप से बिना भूमि अधिग्रहण सड़क का निर्माण करने के मामले में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश मंडी की अदालत ने वादी को अंतरिम राहत प्रदान की है। अदालत ने संबंधित विभाग और ठेकेदार को मुख्य वाद के अंतिम निस्तारण तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का सड़क निर्माण करने से रोकते हुए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
अलाथू निवासी जगदीश कुमार ने अदालत में दायर वाद में आरोप लगाया कि उनकी पैतृक भूमि पर बिना भूमि अधिग्रहण और बिना सहमति सड़क निर्माण शुरू कर दिया गया। उनका कहना है कि निर्माण कार्य से उनके मकान को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं, राज्य सड़क परियोजना के अधिकारियों और ठेकेदार ने अदालत में जवाब दाखिल कर दावा किया कि सड़क का निर्माण सरकारी भूमि पर किया जा रहा है और वादी की भूमि पर कोई अतिक्रमण नहीं किया गया है।
दोनों पक्षों की दलीलें और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद अदालत ने माना कि वादी के पक्ष में प्रथम दृष्टया मामला बनता है और सुविधा का संतुलन भी उसके पक्ष में है। अदालत ने कहा कि यदि इस स्तर पर निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई गई तो वादी को ऐसी अपूरणीय क्षति हो सकती है, जिसकी भरपाई बाद में संभव नहीं होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश में की गई टिप्पणियां केवल अंतरिम राहत के उद्देश्य से हैं और इन्हें मुख्य वाद के गुण-दोष पर अंतिम राय नहीं माना जाएगा। संवाद