धर्मपुर (मंडी)। एसडीएम धर्मपुर (अतिरिक्त कार्यभार) स्वाति डोगरा ने बाल विवाह को रोकने के लिए समाज में जागृति लाने की आवश्यकता पर बल दिया।
बाल विवाह निषेध अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के को नाबालिग माना जाता है।
स्वाति डोगरा ने बताया कि बाल विवाह करना एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है, जो समाज और कानून दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, पुजारियों, कैटरिंग, टैंट और डीजे वालों से आग्रह किया कि यदि वे किसी बाल विवाह के बारे में जानते हैं, तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
एसडीएम ने यह भी कहा कि समाज में जागरूकता फैलाने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि बाल विवाह की रोकथाम में अधिक से अधिक सफलता प्राप्त की जा सके। संवाद