मंडी। उच्च शिक्षा विभाग मंडी में आखिरकार करीब दो सालों बाद कार्यकारी उच्च शिक्षा उपनिदेशक की नियुक्ति हुई है। सुशील शर्मा ने यहां पर कार्यकारी उपनिदेशक का कार्यभार संभाल लिया है। ऐसे में विभाग को इस नियुक्ति से बड़ी राहत मिलेगी। इस मामले को अमर उजाला समाचार पत्र ने प्रमुखता से उठाया था और 14 फरवरी को शिक्षा के क्षेत्र में कैसे हो उद्धार एक अधिकारी संभाल रहा तीन कार्यभार शीर्षक से खबर को प्रकाशित किया था।
खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग आदर्श आचार संहिता से पहले ही यह नियुक्ति करके जिला में शिक्षा विभाग को बड़ी राहत प्रदान की है। इस बारे में उच्च शिक्षा उपनिदेशक सुशील शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से सौंपी गई जिम्मेदारी का वह पूरी लग्न से निर्वहन करेंगे। शिक्षण संबंधित रूके हुए कार्यों को गति प्रदान की जाएगी।
बता दें कि जिला मंडी शिक्षा क्षेत्र के लिहाज से भी बड़ा क्षेत्र है। यहां पर 50 शिक्षा खंड हैं। जबकि 2300 के करीब शिक्षण संस्थान हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख छात्र छात्राएं मौजूदा समय में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इतनी अधिक शिक्षण संस्थानों में शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता लाने के लिए उच्च स्तर पर अधिकारियों का होना जरूरी है।
विभाग में इन कार्याें को मिलेगी गति
इस नियुक्ति के बाद प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक पर काम का कुछ बोझ कम होगा। वहीं, इन दिनों चल रही बोर्ड की परीक्षाओं को सही ढंग से आयोजित करने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा स्कूलों में जाकर निरीक्षण करना, मिड डे मील, छात्रवृत्तियाें को आवेदन, स्कूलों को मान्यता दिलाना, पारदर्शिता के साथ परीक्षाओं को करवाना, छात्र छात्राओं को स्कूलों में पढ़ाई के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने सहित अन्य कार्याें को गति मिलेगी।