चांदपुर स्थित नगर परिषद की डंपिग साइट पर बुधवार को स्थानीय लोगों ने कूड़ा फेंकने से मना कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने परिषद व जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से नप की ओर से खुले में लगातार कूड़ा फेंका जा रहा है। इस कारण आसपास के क्षेत्रों में हर समय दुर्गंध फैली रहती जिससे महामारी का भी खतरा पैदा हो गया है।
नगर परिषद कूड़े के सही निष्पादन को लेकर आश्वासन देती है, लेकिन बावजूद इसके आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इस कारण आसपास के छह गांवों के सैकड़ों लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने नगर परिषद को चेतावनी दी है वह किसी भी सूरत में यहां पर कूड़ा नहीं फेंकने देेंगे। अगर जबरन कूड़ा फेंकने का प्रयास किया गया तो चक्का जाम व पथराव करने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
ग्रामीणों के विरोध के कारण बुधवार को शहर में से कूड़ा नहीं उठाया जा सका। वहीं जो गाड़ियां कूड़ा कचरा के साथ भरी हुई थी वह भी खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने मौके पर नगर परिषद के उपाध्यक्ष का घेराव भी किया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए नगर परिषद ने नेरचौक व रिवालसर से कूड़ा एकत्रित कर यहां लाने पर रोक लगा दी है।
नगर परिषद सुंदरनगर की चांदपुर डंपिंग साइट में सुंदरनगर नगर परिषद के अलावा बीएसएल प्रबंधन, नगर परिषद नेरचौक, नगर पंचायत रिवालसर और कोलडैम तक का कचरा लाकर फेंका जाता है। इसके लिए बकायदा नप सुंदरनगर को राशि जारी की जाती है।
बुधवार को भी जब वाहन चांदपुर में कूड़ा फेंकने के लिए आए तो ग्राम पंचायत जुगाहन की पंचायत प्रधान धर्मी देवी, उपप्रधान श्याम लाल, वार्ड सदस्य ओम प्रकाश, शीतला महिला मंडल प्रधान सुनीता देवी, मीना, बीना देवी, कांता, ब्यासा देवी, पूनम, बोहरी देवी सहित दर्जनों कटवाली, भरजवाणू, रोपा, जरल तथा धनेश्वरी के ग्रामीण मौके पर पहुंच गये और उन्होंने कूड़ा नहीं फेंकने दिया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद सुंदरनगर ने शहर के कूड़े कचरे को ठिकाने लगाने के लिए वर्ष 2009 में गारबेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू करने को कहा था जो आज तक पूरा नहीं हो पाया है जिस कारण कूड़े को ठिकाने लगाने में समस्या आ रही है।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अशोक शर्मा ने बताया कि गारबेज ट्रीटमेंट प्लांट को शुरू करने के लिए ज्यादा मात्रा में कूड़ा चाहिए था। इस कारण आसपास के शहरों के कूड़े का यहां ठिकाने लगाने का निर्णय लिया था, लेकिन प्लांट शुरू नहीं हुआ और कूड़ा आना शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने नप नेरचौक व रिवालसर में अपना कूड़ा अपने स्तर पर ठिकाने लगाने के लिए कहा है। जब तक यहां पर प्लांट शु़रू नहीं होता तब तक यहां पर दूसरे शहरों का कूड़ा नहीं फेंका जाएगा। चांदपुर में व्यवस्था को सुधारने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है।