मंडी। जिले के सभी दवाई विक्रेताओं को विशेष तौर पर हिदायत दी गई है कि वह बिना चिकित्सक की अनुमति के जिन दवाइयों में नशे का प्रभाव है, उन्हें नहीं बेच सकते हैं। जब चिकित्सक उन दवाईयों को पर्ची में लिखेगा तभी वह दवाइयां दी जा सकती हैं। साथ ही दवाइयों को बेचने की जानकारी दवाई विक्रेता के पास होनी चाहिए और उसका बिल उपभोक्ता को देना होगा।
मंगलवार को सिविल अस्पताल मंडी में जिला केमिस्ट एसोसिएशन के साथ असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर मनीष कपूर ने यह बात बैठक के दौरान कही। बताया कि यदि कोई भी दुकानदार इन नियमों का पालन नहीं करता है और अपनी मर्जी से इन दवाओं को बेचता है तो फिर उस दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई ऐसा करता है तो उस केमिस्ट का लाइसेंस उम्र भर के लिए रद्द भी किया जा सकता है।
बता दें कि ऑक्सिटोसिन जैसे कुछ ऐसे इंजेक्शन हैं जिनका उपयोग पशुओं में दूध बढ़ाने के लिए गलत तरीके से किया जा रहा है। इसे भी बिना अनुमति के बेचने पर कार्रवाई करने की बात कही। यदि किसी के पास यह इंजेक्शन मिलता है तो उसकी पूरी पड़ताल की जाएगी। बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर मंडी अनूप शर्मा, हिमाचल प्रदेश केमिस्ट एसोसिएशन के महासचिव बिहारी लाल गुप्ता, मंडी जिला केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान योगेश वर्मा, महासचिव योगेश कुमार और सुंदरनगर केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान एवं समाजसेवी ब्रह्मदास चौहान भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।