जिला परिषद चुनाव में बढ़त बनाने को भाजपा-कांग्रेस सक्रिय
वार्ड स्तर पर तेज हुई सियासी हलचल
जिला परिषद सीटों पर पकड़ मजबूत करने की कवायद तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। शहरी निकाय चुनावों की सरगर्मी थमने से पहले ही जिले में पंचायत चुनावों को लेकर सियासी माहौल गर्माने लगा है। निकाय चुनावों के नतीजों ने जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों को अपने-अपने स्तर पर राजनीतिक संदेश दिए हैं, वहीं अब दोनों दलों की नजर गांवों की सत्ता पर टिक गई है। जिला परिषद चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में जुट गए हैं। निकाय चुनाव में कई जगह बदले समीकरणों और अप्रत्याशित परिणामों के बाद दोनों दल पंचायत चुनाव को प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं। खासकर जिला परिषद सीटों पर बढ़त बनाने को लेकर संगठन स्तर पर हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही नहीं चाहते कि ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी राजनीतिक पकड़ कमजोर होने का संदेश जाए।
जिले के विभिन्न वार्डों में नेताओं ने सक्रियता बढ़ा दी है। स्थानीय नेता समर्थकों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। गांवों में सामाजिक कार्यक्रमों, छोटे आयोजनों और जनसंपर्क गतिविधियों के जरिए माहौल बनाने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं। इस बार पंचायत चुनाव केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहने वाले, बल्कि इन्हें आने वाले बड़े राजनीतिक मुकाबलों की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। निकाय चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के प्रदर्शन ने कई क्षेत्रों में भाजपा की चिंता बढ़ाई है। वहीं, भाजपा भी अपने पारंपरिक ग्रामीण आधार को मजबूत बनाए रखने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। इस बार जिला परिषद से लेकर पंचायत वार्ड सदस्य तक कुल 4,762 पदों के लिए चुनाव होना है, जिनके लिए 10,392 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 1,330 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। जिला परिषद के 36 वार्डों में 183 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि तीन वार्डों में सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
उधर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर ने कहा कि शहरी निकाय चुनावों में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया है और आगे भी पार्टी इसी प्रदर्शन को बरकरार रखेगी। वहीं, जिला भाजपा अध्यक्ष निहाल चंद ने बताया कि संगठन पंचायत चुनाव को लेकर पूरी सक्रियता से रणनीति तैयार कर रहा है।