मंडी। पीड़ित और असहाय महिलाओं को एक ही छत के नीचे तमाम आपातकालीन सुविधाएं प्रदान करने वाले वन स्टॉप सेंटर के स्थायी भवन निर्माण की दिशा में सफलता मिली है।
पिछले सात माह से लटकी भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी हो गई है और सुंदरनगर की बीबीएमबी कॉलोनी में चिह्नित जमीन आधिकारिक रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग के नाम हस्तांतरित कर दी गई है।
जमीन का इंतकाल विभाग के नाम होने से अब 60 लाख रुपये की लागत से बनने वाले दो मंजिला आधुनिक भवन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। वर्तमान में यह सेंटर मंडी शहर के जेल रोड स्थित वर्किंग वुमन हॉस्टल में अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा है। भूमि हस्तांतरण न होने के कारण विभाग केंद्र सरकार को निर्माण का अंतिम प्रस्ताव नहीं भेज पा रहा था लेकिन अब इस अड़चन के दूर होते ही जल्द निर्माण शुरू होने की उम्मीद जग गई है।
उल्लेखनीय है कि वन स्टॉप सेंटर हिंसा, उत्पीड़न या अन्य विषम परिस्थितियों से जूझ रही महिलाओं के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है। यहां महिलाओं को अस्थायी आश्रय और पीड़ित महिलाओं, उनके बच्चों को 5 दिनों तक सुरक्षित रहने की व्यवस्था की जाती है। इसके साथ ही निशुल्क विधिक सलाह तथा पुलिस एफआईआर दर्ज कराने में मदद, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श मिलता है।
भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने से क्षेत्र की हजारों जरूरतमंद महिलाओं को अब जल्द अपने ही जिले में एक सर्व सुविधायुक्त और सुरक्षित आश्रय स्थल की स्थायी सौगात मिलेगी।