गोहर (मंडी)। जिले की छम्यार पंचायत का एक और वीर सैनिक 23 साल बाद फिर देश के काम आया। नायब सूबेदार राकेश कुमार के बलिदान से 23 साल पहले एक अक्तूबर 2001 को जम्मू में आतंकियों से लोहा लेते हुए भलेटी गांव के तेज सिंह भी कुर्बान हुए थे।
जैक राइफल में भर्ती जांबाज तेज सिंह के बलिदान के 23 साल बाद स्पेशल पैरा कमांडो राकेश भारत माता की रक्षा करते हुए जम्मू के किश्तवाड़ क्षेत्र में कुर्बान हुए हैं। छम्यार पंचायत की मातृभूमि का आज फिर 23 साल बाद सिर गर्व से ऊंचा हुआ है। क्षेत्रवासियों ने सरकार से मांग उठाई है कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छम्यार का नाम बलिदानी राकेश कुमार के नाम पर रखा जाए।
पंचायत के उपप्रधान रेलु राम, पूर्व प्रधान बिंदर ठाकुर, चतर सिंह, चिंत राम शास्त्री, कश्मीर सिंह आदि ने मांग उठाई है कि छम्यार स्कूल का नाम बलिदानी राकेश कुमार के नाम पर रखा जाए। जटा नाल में बलिदानी तेज सिंह की प्रतिमा बरसात से तबाह हो गई थी, लेकिन आजतक यह प्रतिमा नहीं लगाई गई है। वहां पर भी तेज सिंह का स्मारक स्थल तैयार किया जाए। संवाद