मंडी। जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में पनीर और देसी घी के नमूनों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लिए गए सात पनीर के नमूनों में छह असुरक्षित पाए गए हैं। एक नमूना सब स्टैंडर्ड घोषित किया गया है। पधर से लिए गए एक नामी कंपनी के देसी घी के दो सैंपल फेल पाए गए हैं। इसका खुलासा लैब रिपोर्ट में हुआ है। अब विभाग नियमानुसार कार्रवाई करने जा रहा है।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अनुसार पनीर के सात नमूने पधर, पनारसा, सुंदरनगर, जोगिंद्रनगर, कनैड और बगस्याड़ से लिए गए थे। जांच में छह नमूनों में घटिया गुणवत्ता की सामग्री मिलाने की पुष्टि होने पर उन्हें लैब रिपोर्ट में असुरक्षित घोषित किया गया। बगस्याड़ से लिया गया एकमात्र पनीर का नमूना सब स्टैंडर्ड पाया गया। इसमें तेल की मिलावट नहीं मिली लेकिन निर्धारित मानकों के अनुरूप फैट की मात्रा कम होने के कारण इसे सब स्टैंडर्ड घोषित किया गया।
जांच के दौरान पधर से लिया गया एक नामी कंपनी के देसी घी का नमूना भी जांच में फेल हो गया। रिपोर्ट में घी में तेल की मिलावट की पुष्टि हुई, जिसके चलते इसे असुरक्षित घोषित किया गया। साथ ही निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण यह सब स्टैंडर्ड भी पाया गया।
विभाग अब सामान्य लैब परीक्षण के साथ प्रोफाइल टेस्ट भी करवाने जा रहा है। पहले कई मामलों में नमूने केवल सब स्टैंडर्ड पाए जाते थे लेकिन अब उन्नत प्रोफाइल विश्लेषण से मिलावट की प्रकृति का भी पता लगाया जा रहा है। रिपोर्ट को चुनौती देते हुए राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला (एनएफएल) गाजियाबाद भेजा जा रहा है, जहां विस्तृत प्रोफाइल परीक्षण के माध्यम से मिलावट की पुष्टि होती है। खाद्य एवं विभाग के सहायक आयुक्त एलडी ठाकुर ने बताया कि सभी मामलों में नियमानुसार प्रक्रिया जारी है।
जोगिंद्रनगर में फ्रूट बेवरेज समेत छह खाद्य पदार्थों के लिए नमूने
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने जोगिंद्रनगर क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच अभियान के तहत विभिन्न उत्पादों के छह नमूने एकत्र किए हैं। इनमें एक-एक नमूना फ्रूट बेवरेज, नमक, सरसों का तेल, चावल, उड़द साबुत और माह (साबुत) का शामिल है। विभाग की ओर से सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।