चंबा। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डलहौजी दिव्या शर्मा की अदालत ने भरण-पोषण राशि की वसूली से जुड़े मामले में गैर-जमानती वारंट पर पेश किए गए आरोपी को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत एवं जमानती मुचलके पर जमानत दे दी। अदालत ने निर्देश दिए कि यदि किसी अन्य मामले में उसकी आवश्यकता नहीं है तो उसे तत्काल रिहा किया जाए।
अदालत में आवेदक की ओर से अधिवक्ता और प्रतिवादी आरोपी की ओर से अधिवक्ता पेश हुए। आरोपी को अदालत से जारी गैर-जमानती वारंट के अनुपालन में पुलिस हिरासत में पेश किया गया था। इसके बाद उसकी ओर से बीएनएसएस की धारा 480 के तहत जमानत आवेदन दायर किया गया। आवेदक के अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि प्रतिवादी जानबूझकर अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। अदालत ने रिकॉर्ड देखने के बाद पाया कि मामले में भरण-पोषण की बकाया राशि की वसूली का मामला है। प्रतिवादी ने अदालत के समक्ष बकाया भरण-पोषण राशि का भुगतान करने और भविष्य में प्रत्येक सुनवाई पर उपस्थित रहने की सहमति जताई। न्यायालय ने परिस्थितियों को देखते हुए 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत एवं जमानती बॉंड पर जमानत मंजूर कर दी। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी ने दो हजार रुपये की राशि भी जमा करवाई, जिसे आवेदक के अधिवक्ता ने प्राप्त कर लिया। अदालत ने आवेदक को अगली सुनवाई में अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।