जाको राखे साईयां मार सके न कोई। यह कहावत चंबा निवासी विपिन कुमार पर बिल्कुल ठीक बैठती है। चंबा निवासी विपिन कुमार बुधवार देर रात थलौट के समीप दवाड़ा के पास हुए सड़क हादसे में सुरक्षित निकल गया। दवाड़ा के पास देर रात एक टाटा सूमो गहरी खाई में गिर गई।
वाहन में सवार सात लोग उफनती ब्यास की लहरों में समा गए, लेकिन विपिन कुमार पुत्र ब्यास देव निवासी गांव छाहडी डा. टिक्कर जिला चंबा ने जिंदगी और मौत की जंग में मौत को मात दे दी। विपिन कुमार ने बताया कि उक्त वाहन दिल्ली से कुल्लू आ रहा था। इसमें एक मंडी निवासी और शेष छह लोग कुल्लू के मलाणा गांव के रहने वाले थे। विपिन ने बताया कि सूमो में वह बीच वाली सीट पर बैठा था। दवाड़ा के पास सूमो अनियंत्रित होकर ब्यास में गिर गई। जब उसे होश आया तो उसने अपने आप को ब्यास के बीच में पाया।
उसने हिम्मत नहीं छोड़ी और ब्यास की लहरों के बीच काफी देर तक हाथ-पांव मारे। जब वह ब्यास की लहरों में फंसा था उस समय उसने जो जैकेट पहन रखी थी वह भी उसका सहारा बनी। वहीं ब्यास में एक पत्थर उसके लिए वरदान बना। उसी पत्थर के सहारे काफी देर तक खड़ा रहा। इसी दौरान एक ट्रक ड्राइवर उसके लिए फरिश्ता बन गया। ट्रक ड्राइवर में कुछ और वाहनों को भी रोक लिया और ब्यास में रस्सा फेंककर उसे बाहर निकाल लिया।
इस संबंध में नायब तहसीलदार औट हीरा चंद नलवा ने बताया कि जिन लोगों के शव बरामद हुए हैं, उनके परिजनों को दस-दस हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई है। हादसे में लापता अन्य लोगों की तलाश के लिए गोताखोर बुलाए गए हैं। इसके लिए लारजी बांध का पानी भी कम किया जाएगा।