नाचन में 95 फीसदी पौधे जीवित
गोहर (मंडी)। पथरीली जमीन को हरित क्षेत्र में बदलने की चुनौती नाचन वनमंडल ने जनसहयोग और बेहतर देखरेख से हासिल कर ली है। मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के तहत मछरोट बीट में किए गए पौधरोपण में करीब 95 प्रतिशत पौधों का जीवित रहना वन विभाग के प्रयासों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
योजना के लिए बासा ब्लॉक के डीपीएफ कठला और महारण को चुना गया था। दोनों स्थानों पर कुल 10 हेक्टेयर भूमि में वनीकरण किया गया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए विभाग ने सामान्य पौधरोपण के बजाय पथरीली भूमि का अनुकूल मॉडल अपनाया। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पौधों की प्रजातियों का चयन किया गया। इस अभियान की खास बात यह रही कि वन विभाग के साथ ग्रामीण भी संरक्षण कार्य में जुड़े। महिला मंडलों और सामुदायिक संगठनों ने पौधों की देखभाल में सहयोग किया। वन मंडलाधिकारी नाचन सुरेंद्र कुमार कश्यप के अनुसार योजना को जाइका वानिकी परियोजना के तहत विभागीय स्तर पर लागू किया गया। करीब 25 हजार पौधे लगाने के बाद 95 प्रतिशत जीवितता यह दर्शाती है कि प्रतिकूल भूमि पर भी योजनाबद्ध तरीके से वनीकरण संभव है।