कटौला (मंडी)। बदार घाटी के मासड़ बदार में माता बूढ़ी बच्छवारण के सम्मान में आयोजित दो दिवसीय पारंपरिक शाढनू मेला मंगलवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो गया।
माता के पुजारी देसराज और वजीर सूरजमणि ने बताया कि करीब 45 वर्षों के बाद माता कांढी घटाशणी विशेष आमंत्रण पर मेले में शरीक हुईं। उनके साथ माता बूढ़ी बच्छवारण के तोगड़ देव चीटू जाड़ा भी मौजूद रहे। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने सभी देवी-देवताओं का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया।
इस दौरान भव्य जलेब निकाली गई, जो मंदिर परिसर से होते हुए विभिन्न मार्गों से गुजरी। श्रद्धालुओं ने पहाड़ी नाटी का आनंद लिया। परंपरागत वेशभूषा में नाटी प्रस्तुत की गई। समापन अवसर पर संध्या के समय सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माता बूढ़ी बच्छवारण और माता घटाशणी से आशीर्वाद लिया और सभी देवी-देवताओं को विदा किया। संवाद