मंडी। जोनल अस्पताल मंडी दीपावली को ध्यान में रखते हुए जलने के मामलों को लेकर चौकस है। दीपावली की रात्रि पटाखों से झुलसने का उपचार करने के लिए आपात वार्ड में बर्न यूनिट का प्रबंध किया गया है। आपात वार्ड में ऑन कॉल डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा सेरी बाजार में बर्न एंबुलेंस तैनात कर दी गई है। वहीं, 108 एंबुलेंस के कर्मचारी भी अपनी सेवाएं देंगे। दीपावली के मद्देनजर 108 कर्मचारियों ने कमर कस ली है। जीवीके ईएमआरआई के पास तीन वर्षों में आए आंकड़ों में सामने आया है कि दीपावली के दौरान सांस लेने में दिक्कत, वाहन दुर्घटना और चोट लगने से संबंधित आपातकालीन कॉल में वृद्धि हुई है। ऐसे में दीपावली के दौरान सावधानी बरत कर इनसे बचा जा सकता है।
इधर, क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एचके अबरोल ने बताया कि आपात वार्ड में ही बर्न केसेस का उपचार किया जाएगा। यहां 10 बेड उपलब्ध हैं। वहीं, अन्य आपात सामग्री भी उपलब्ध करवा दी गई है। इसके अलावा बर्न एंबुलेंस को भी सेरी बाजार में तैनात किया गया है।
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क्या करें
-पटाखे जलाने वाली जगह में ज्वलनशील पदार्थ नहीं होना चाहिए।
-बड़ों के साथ ही हमेशा पटाखे चलाएं।
-पटाखों के पैकेट पर दी गई सावधानियों को अवश्य पढ़ें।
-पटाखे खुली जगह में चलाएं और दूरी बनाए रखें।
-किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए पानी को नजदीक रखें।
-सूती कपड़ा पहनें।
-जूते और चप्पल पहन कर रखें।
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क्या न करें
-भीड़ और तंग जगहों पर पटाखे न चलाएं।
-बच्चों को अकेले पटाखे न चलाने दें।
-पटाखों को कांच की बोतल या टिन के डिब्बे से न ढकें।
-बगैर जले पटाखों को न जांचें।
-पटाखों को हाथ में पकड़ कर न चलाएं।
-अस्थमा व सांस की तकलीफ से ग्रसित लोग पटाखे चलाने वाली जगह के नजदीक न जाएं।
-ढीले कपड़े और पंजाबी सूट जिनमें लंबे दुपट्टे हों, पहनने से बचें।
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आंख के आसपास चोट लगने पर ऐसे करें उपचार
-आंख पर आराम से पट्टी बांधें।
-आंख को दबाव के साथ न मलें।
-किसी भी कण को हटाने की कोशिश न करें।
-आंख मत धोएं।
-आंसुओं से आंखें साफ होने दें।
-अपनी आंख बंद करें।
-आंख को मलें नहीं।
-सूजन और दर्द को कम करने के लिए धीरे-धीरे ठंडी पट्टी का प्रयोग करें।
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जलने पर ऐसे करें उपचार
-जलने पर ठंडा पानी डालें और तब तक डालते रहें, जब तक जलन कम न हो जाए।
-साफ कपड़े से घाव वाली जगह ढकें।
-ज्यादा चोट पर 108 नंबर पर कॉल करें।