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नाले में गंदगी उड़ेलने पर वाहन जब्त

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मंडी। नगर परिषद की डंपिंग साइट के पास खुले में गंदगी फेंकने के मामले में पुलिस ने आरोपी मालिक और चालक दोनाें को हिरासत में ले लिया। दोनों ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है। पूछताछ में पता चला है कि सेप्टिक टैंक में भरी गंदगी को भ्यूली से लाया गया था। इसे सेप्टिक टैंक में भरकर नगर परिषद की क्वारी स्थित डंपिंग साइट के साथ ही नाले में फेंक दिया। पुलिस पहले ही मामला दर्ज कर चुकी है। अब इस मामले में पुलिस अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी। शुक्रवार को पंडोह पुलिस ने जहां खुले में गंदगी को फेंका गया था वहां मौका-ए-वारदात स्थल का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस ने आईपीएच विभाग, नगर परिषद के अधिकारियाें तथा मंडी बचाओ संघर्ष मोर्चा के सदस्यों को मौके पर तलब कर उनके बयान दर्ज किए। पुलिस के मुताबिक गत रविवार को भ्यूली में एक निजी मकान का सेप्टिक टैंक खाली किया था। इसकी सारी गंदगी को चालक ने सेप्टिक टैंक में भरकर चंडीगढ़-मनाली एनएच में क्वारी के पास नगर परिषद की डंपिंग साइट के साथ नाले में उड़ेल दिया।
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गौरतलब है कि नगर परिषद की डंपिंग साइट के नीचे ब्यास बह रही है। इस पर मामले के तूल पकड़ने पर आईपीएच के एसडीओ ने बुधवार को सदर थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने कार्रवाई अमल में लाते हुए शुक्रवार को सेफ्टिक टैंक के मालिक और ड्राईवर को शिनाख्त के लिए सदर थाना में तलब किया। मंडी बचाओ संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष लक्ष्मेंद्र सिंह के ब्यान पर पुलिस ने ट्रैक्टर को टैंक सहित जब्त कर लिया। मालिक और चालक दोनाें हिरासत में लिए हैं। बाद में दोनाें को जमानत पर छोड़ दिया। आरोपियों ने ब्यास दरिया से पानी की सप्लाई बारे जानकारी होने पर अनभिज्ञता जताई।
पुलिस के मुताबिक सेप्टिक टैंक का मालिक और चालक दोनों कुरुक्षेत्र (हरियाणा) के रहने वाले हैं। मौजूदा समय में दोनाें बल्ह घाटी के नागचला में रहते हैं। मामले की जांच पंडोह पुलिस चौकी के आईओ हरी सिंह कर रहे हैं। बताया कि मामले की रिपोर्ट तैयार कर इसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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जनहित में लड़ते रहेंगे ये लड़ाई
मंडी बचाओ संघर्ष मोर्चा इस कार्रवाई का स्वागत करता है। मोर्चा निजी संस्थाओं, क्लीनिकों, निजी अस्पताल के मालिकाें और विभिन्न विभागों के जवाबदेह अधिकारियों को आगाह करता है कि यदि भविष्य में शहरी पेयजल स्रोत ब्यास दरिया के पानी को किसी तरह से प्रदूषित किया तो पेयजल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम-1981 के तहत हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी।
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लक्ष्मेंद्र सिंह अध्यक्ष मंडी बचाओ संघर्ष मोर्चा।
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