सुंदरनगर (मंडी)। प्रदेश में अप्रैल माह में राज्य विद्युत परिषद के करीब डेढ़ दर्जन हाइडल प्रोजेक्टों में निर्धारित लक्ष्य से 21 लाख यूनिट अधिक उत्पादन दर्ज किया गया है। इससे परिषद को बड़ी राहत मिली है। हाइडल प्रोजेक्टों में उत्पादन बढ़ने का प्रमुख कारण गर्मी से पहाड़ों पर जमी बर्फ पिघलने से नदी-नालों में पानी की आवक बढ़ना मुख्य कारण रहा है। अप्रैल माह के लिए केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग ने परिषद के प्रोजेक्टों में 1416.20 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन करने का लक्ष्य रखा था। जबकि इस दौरान परिषद के हाइडल प्रोजेक्टों में 1437.420 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन हुआ। जो निर्धारित लक्ष्य से करीब 21 लाख यूनिट अधिक है।
मुख्य अभियंता (उत्पादन) सुंदरनगर के कार्यालय से जुटाई गई जानकारी के अनुसार अप्रैल माह में 120 मेगावाट की भावा परियोजना में 300.37 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन दर्ज किया गया है। 22.5 मेगावाट की घानवी परियोजना में 54.821 लाख यूनिट, 2.5 मेगावाट की नोगली परियोजना में 7.913 लाख यूनिट, 1.75 मेगावाट वाली चाबा परियोजना में 4.774 लाख यूनिट, 60 मेगावाट वाली गिरी परियोजना में 63.330 लाख यूनिट उत्पादन दर्ज किया गया है। 16.95 मेगावाट वाली आंध्रा परियोजना में 53.536 लाख यूनिट, बस्सी परियोजना में 242.255 लाख यूनिट, 6 मेगावाट वाली बिनवा परियोजना में 38.170 लाख यूनिट, 10.50 मेगावाट वाली गज परियोजना में 46.881 लाख यूनिट,12 मेगावाट वाली बनेर परियोजना में 42.78 लाख यूनिट, 12 मेगावाट वाली खौली परियोजना में 63.330 लाख यूनिट,126 मेगावाट वाली लारजी परियोजना में 470.140 लाख यूनिट उत्पादन दर्ज किया गया है। रुकती परियोजना में 0.513 लाख यूनिट, रौंगटौंग में 1.762 लाख यूनिट, किलाड़ में 0.294 लाख यूनिट, भूरि सिंह चंबा में 0.294 लाख यूनिट, भावा आर्गुमेंटेशन मे 5.238 लाख यूनिट, थिरोट में 10.763 लाख यूनिट और हौली में 11.813 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन दर्ज किया गया है। इधर, विद्युत परिषद के मुख्य अभियंता (उत्पादन) सुंदरनगर ई. राजेश सिंह ने अप्रैल माह में हाइडल प्रोजेक्टों में निर्धारित लक्ष्य से 21 लाख यूनिट अधिक विद्युत उत्पादन होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मौसम गर्म होने से पहाड़ों पर बर्फ पिघलने से नदी -नालों में पानी की आवक बढ़ने से ही उत्पादन निर्धारित लक्ष्य को पार कर सका है।