जोगिंद्रनगर (मंडी)। मच्छयाल में शनिदेव मंदिर और मच्छिंद्रनाथ मंदिर को जोड़ने के लिए पुल लगभग तैयार हो गया है। मार्च से पहले श्रद्धालु पुल से आवाजाही कर सकेंगे। 45 लाख रुपये पुल पर खर्च किए जा रहे हैं। इसका 95 प्रतिशत से अधिक कार्य लोक निर्माण विभाग की देखरेख में पूरा हो गया है।
सरकाघाट सड़क पर जोगिंद्रनगर से दस किलोमीटर दूर मच्छयाल में एक ओर शनिदेव मंदिर और दूसरी ओर मच्छिंद्रनाथ मंदिर है। धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण का यह ड्रीम प्रोजेक्ट मंडी संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद दिवंगत रामस्वरूप शर्मा ने धरातल में उतारा था। 27.50 मीटर लंबे पुल का शेष कार्य जल्द पूरा करने को लेकर लोक निर्माण विभाग ने ताकत लगा रखी है। करीब चार फुट चौड़े पुल पर श्रद्धालुओं की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मार्च से पहले का लक्ष्य रखा है। लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता कमलकांत ने बताया कि पुल का 95 प्रतिशत से अधिक का कार्य पूरा हो गया है।
खड्ड के उफान पर आने से होती थी परेशानी
बरसात में मच्छयाल खड्ड के उफान पर होने से दोनों धार्मिक स्थलों के सुंदर घाटों तक श्रद्धालुओं को पहुंचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके चलते दोनों धार्मिक स्थलों के श्रद्धालु झील की सुंदरता को निहार नहीं पाते थे। अब मच्छयाल खड्ड पर पुल की सुविधा उपलब्ध होते ही श्रद्धालुओं का दोनों ही धार्मिक स्थलों में आवागमन सरल होगा।
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जोगिंद्रनगर-सरकाघाट सड़क पर मच्छयाल की पवित्र झील में प्राचीन शनिदेव मंदिर और मच्छिंद्रनाथ में श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए पुल का निर्माण 95 प्रतिशत से अधिक का कार्य पूरा कर लिया गया है। जल्द ही पैदल पुल पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू करवा दी जाएगी।
-जेपी नायक, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग मंडल जोगिंद्रनगर