डेंगू को महामारी घोषित कर पीड़ितों
के उपचार का खर्च उठाए सरकार
लोगों ने तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
लोगों का आरोप, महज दो किमी के दायरे में डेंगू पर विभाग नहीं पा सका नियंत्रण
अमर उजाला ब्यूरो
सुंदरनगर (मंडी)। उपतहसील मुख्यालय डैहर में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 100 के पार हो गया। लोग डर के साए में जी रहे हैं। हालात इतने बदतर हो चुके हैं, कई परिवारों के सभी सदस्य डेंगू से पीड़ित हो चुके हैं। महज दो किमी के दायरे में बसी डैहर पंचायत का अधिकतर एरिया शहरी क्षेत्र से जुड़ा है, लेकिन दो किमी के इस दायरे डेंगू पर नियंत्रण न पाने को लेकर हो रहे प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। इस कारण अब स्थानीय लोगों में रोष पनपने लगा है। बुधवार को पंचायत के पूर्व प्रधान राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में करीब एक सौ ग्रामीणों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन नायब तहसीलदार डैहर के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भेजा गया है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने डैहर में फैले डेंगू को महामारी घोषित करने की मांग की है।
लोगों का कहना कि इस बीमारी से पीड़ित होने वाले मरीजों के उपचार का पूरा खर्चा सरकार उठाए। महज दवाइयों का खर्च ही नहीं लोग मंडी, शिमला में परिजनों के इलाज के दवाई के अलावा भी आने जाने और रहने के लिए हजारों रुपये खर्च कर रहे हैं। जहां परिवार के साथ आने जाने और उपचार पर करीब 10 हजार रुपये तक खर्चा आ रहा है। क्षेत्र के अधिकतर ग्रामीण किसान हैं, जिनकी माली हालत ऐसी नहीं है कि वह उपचार का खर्चा वहन कर सके।
मृतक रविंद्र के परिजनों को मिले मुआवजा
ग्रामीण राकेश कुमार, जयलाल, भगत सिंह, प्रकाश चंद, हंसराज, धर्मप्रकाश, मीना देवी, ललिता देवी, नीलम शर्मा, निर्मला देवी, चिंता देवी, प्रेम लाल, सुरेश शर्मा, कमला देवी, मनोज कुमार, रणजीत सिंह और विजय शर्मा का कहना है कि अगर सरकार डेंगू को महामारी घोषित करती है तो इसके शिकार लोगों को जहां उपचार में परेशानी नहीं होगी, वहीं सारा खर्च भी सरकार उठाएगी। उन्होंने डेंगू के कारण पिछले दिनों मौत का शिकार बने दिव्यांग रविंद्र कुमार के परिवार को भी आर्थिक सहायता और महामारी से हुई मौत की तर्ज पर मुआवजा प्रदान करने की मांग की है।