जंजैहली (मंडी)। घाटी की सुनाह लंबाथाच पंचायत के बजौं गांव में वीरवार दोपहर बाद अचानक आग लगने से सात परिवारों की तीन गोशालाएं राख हो गई हैं। हादसे में एक गाय और बछड़ा जिंदा जल गए। आग भड़कते ही गांव में अफरातफरी का माहौल हो गया। साथ लगते 12 मकानों तक आग की लपटें पहुंचने लगी और उनके जलने का खतरा पैदा हो गया। लोग घरों से निकल कर आग बुझाने में जुट गए। चीखों पुकार मच उठी। अग्निशमन केंद्र न होने के चलते समय पर फायर ब्रिगेड की सहायता मुश्किल थी। लिहाजा लोग मिट्टी, पानी की बाल्टियों से आग बुझाने में जुट गए। आग बेकाबू होने लगी। आग की सूचना साथ लगते लंबाथाच कॉलेज में भी पहुंची। विद्यार्थी कक्षाओं को छोड़कर घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बचाव कार्य शुरू किया। इतने में एसडीएम जंजैहली भी मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू में जुट गए। इससे पहले की आग पूरे गांव में राख कर देती, लोगों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। एसडीएम थुनाग सुरेंद्र मोहन ने आग की घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। आग से स्वाह हुई गोशालाएं देवेंद्र सिंह, चंद्र सिंह, सुरेंद्र, खेम सिंह और कुंदन लाल निवासी बजौं की बताई जा रही है। सुरेंद्र की गाय और उसका बछड़ा आग में जिंदा जल गए। एसडीएम ने बताया कि प्रभावित परिवारों की गोशालाएं जलने के साथ साथ मकानों को भी आंशिक रूप से नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि सभी लोगों को संयुक्त रूप से प्रशासन ने 40 हजार फौरी राहत के रूप में प्रदान किए हैं।
संवेदनशील एरिया : सीएम के सिराज में जल चुके हैं पूरे के पूरे गांव
आग के दंश से करोड़ों की संपत्ति हो चुकी है तबाह, अग्निमशन केंद्र की मांग उठी
अमर उजाला ब्यूरो
जंजैहली (मंडी)। सीएम का गृहक्षेत्र सिराज आग की घटनाओं के लिए सर्वाधिक संवेदनशील है। क्षेत्र में अधिकतर मकान काष्ठकुणी शैली में बने हैं। नतीजतन इनमें आग लगने का अधिक खतरा रहता है। वहीं लोग इन घरों में लकड़ी और घास हमेशा रखते हैं। अगर शॉर्ट सर्किट या कोई जरा सी चिंगारी भड़क जाए तो पूरे गांव के जलने का खतरा बन जाता है। यहां के बाशिंदे कई बड़ी आग का दंश झेल चुके हैं। लंबाथाच के इसी पंचायत का क्योली गांव करीब एक दशक पहले जलकर राख हो चुका है। इसके अलावा हाल ही में बालीचौकी के बुंगजलगाहड़ पंचायत में 33 परिवार बेघर हो चुके हैं। लेकिन, यहां अग्निशमन केंद्र नहीं खुल सका है। इसके चलते अगर कहीं पर आग लग जाती है तो इस पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। जब तक दूरदराज से अग्निशमन वाहन आता है तब तक सब कुछ राख हो जाता है। क्षेत्रवासी कई सालों से यहां पर अग्निशमन केंद्र बनाने की मांग कर रहे हैं। वीरवार को भी इसी असुविधा के कारण बजौं में लगी आग को बुझाने में लोगों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। लंबाथान कालेज के छात्र-छात्राओं ने ग्रामीणों के साथ मिलकर एक चेन बनाई और इस चेन से पानी, मिट्टी आदि डालकर आग पर काबू पाया गया। नहीं तो आग पूरे गांव को जलाकर राख कर देती।
अग्निशमन केंद्रों को लेकर पूरे प्रदेश में होगा सर्वे : सीएम
उधर, सिराज में अग्निशमन केंद्र की मांग पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि शीघ्र ही पूरे प्रदेश में सर्वे किया जाएगा। सिराज की तरह कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले ग्रामीण कस्बों और क्षेत्रों पर यह सर्वे फोकस रहेगा। जहां जहां आवश्यकता के मुताबिक अग्निशमन केंद्र, उपकेंद्र या फायर टेंडर की जरूरत होगी, वहां उस तरह की व्यवस्था कर दी जाएगी। जहां अधिक जरूरी हुआ वहां पर अग्निशमन केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।