फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2016 में भूमि का हुआ अधिग्रहण, नहीं मिला मुआवजा

विज्ञापन
विज्ञापन
मंडी। फोरलेन निर्माण से जुड़े विभिन्न पक्षों और संघर्ष समिति की बैठक का आयोजन वीरवार को उपायुक्त कार्यालय के वीडियो कांफ्रेंसिंग हॉल में किया गया। इसमें फोरलेन प्रभावितों ने चार गुना मुआवजा मिलने, 2016 में भूमि अधिग्रहण के बावजूद मुआवजा न देने, 200 दुकानदारों के पुनर्स्थापना की मांग उठाई गई। फोरलेन संयुक्त संघर्ष समिति नौलखा से डडौर के प्रधान जोगिंदर वालिया, किसान सभा से हेम राज, जितेंद्र वर्मा ने कहा कि नौलखा से डडौर फोरलेन प्रभावितों की भूमि का अधिग्रहण 2016 में होने के बावजूद अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार फेक्टर दो के अनुसार चार गुना मुआवजा नहीं दिया गया है और 29 मीटर के दायरे में आ रहे लगभग 200 दुकानदारों के पुनर्स्थापना, पुनर्वासन का मूल्यांकन अभी तक नहीं किया गया है। जबकि इस बारे में भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 में प्रावधान किया गया। उन्होंने उपायुक्त से समस्याओं के निपटारे की मांग उठाई। इसके साथ ही निर्माण कार्यों के बीच आने वाले हैंडपंपों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने, जो कुएं बंद होने जा रहे हैं, उनके स्थान पर भी वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने, फोरलेन के दायरे में आने वाले बिजली के खंभों तथा तारों को स्थानांतरित करने आदि मांगें उठाई गईं।
विज्ञापन


कनैड और सिरडा संस्थान के पास बनेंगे ओवर फुट ब्रिज
फोरलेन निर्माण के चलते हो रहे हादसों पर रोक लगाने के लिए ओवर फुट ब्रिज बनाएं जाएंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी ने वीरवार को डीसी कार्यालय में आयोजित बैठक में कहा कि शिक्षण संस्थान तथा कनैड में ओवर फुट ब्रिज बनाए जाएंगे ताकि, लोगों को सड़क पार करने में परेशानी न हो

गांव में जाकर मुआवजे के दस्तावेज तैयार करें अधिकारी : डीसी
डीसी ऋग्वेद ठकाुर ने कहा कि नौलखा से डडौर तक फोरलेन का कार्य प्रगति पर है। जिसे शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फोरलेन निर्माण कार्य लोगों की समस्याओं का निवारण करते हुए किया जा रहा है ताकि किसी भी व्यक्ति को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन लोगों को दस्तावेज तैयार न होने के कारण अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया है, उनके दस्तावेज गांवों में जाकर तैयार करें। ताकि लोगों को शीघ्र मुआवजा मिल सके। निर्माण कार्य के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना न हो। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें