बलद्वाड़ा (मंडी)। प्रदेश सरकार जहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने की बात करती है वहीं बलद्वाड़ा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। क्षेत्र के नौ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से पांच में डॉक्टर न होने से फार्मासिस्ट लोगों की नब्ज टटोल रहे हैं। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समैला, जमणी और गोपालपुर में बिना एक्सरे तकनीशियनों के एक्सरे मशीनों को जंग लगा हुआ है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समैला में बिना लैब तकनीशियन के लैब धूल फांक रही है। बिना डेंटल डॉक्टर के डेंटल चेयर बेकार पड़ी हुई है। बलद्वाड़ा खंड में नौ स्वास्थ्य केंद्र तथा एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। यहां पर 16 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं लेकिन मौजूदा समय में छह ही डॉक्टर तैनात हैं। दस डॉक्टरों के पद कई महीनों से खाली पड़े हैं। हटली क्षेत्र के प्रमुख बलद्वाड़ा अस्पताल में 22 पंचायतों के अलावा, बिलासपुर जिले के लोग भी स्वास्थ्य सुविधा का लाभ लेने आते हैं। यहां पर 5 डॉक्टरों के पद स्वीकृत है, लेकिन वर्तमान में यह अस्पताल दो डॉक्टरों के सहारे ही चल रहा है। जहां डॉक्टरों की कमी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है, वहीं एक्सरे लैब सुविधा न मिलने से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों को निजी क्लीनिकों की शरण लेनी पड़ रही है। लोगों में जोगिंद्र सिंह, रमेश ठाकुर, रूपलाल, डंडू राम, राम लाल सहित अन्य लोगों ने सरकार से बलद्वाड़ा क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की मांग की है। उधर, कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी बलद्वाड़ा पन्ना लाल वर्मा ने कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग को अवगत करवाया गया है।