हिमरी गंगा में संतान प्राप्ति के लिए लगाई आस्था की डुबकी
सरोवर में आंचल फैला कर महिलाओं ने लिया आशीर्वाद
आंचल में अखरोट और फूल आने से मन्नत होती है पूरी
अमर उजाला ब्यूरो
पधर (मंडी)। संतान प्राप्ति की चाह को लेकर बीस भादो के पवित्र स्नान के दिन प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हिमरी गंगा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बुधवार को आस्था की डुबकी लगाई। महिलाएं माता के सरोवर में अपना आंचल फैलाकर संतान सुख प्राप्ति का आशीर्वाद लेने के लिए उमड़ीं। ऐसा माना जाता है कि अखरोट और फूल तैरते हुए आंचल में आ जाएं तो माता की कृपा से अवश्य मन्नत पूरी होती है। ऐसे दंपती खुशी में जातर लेकर भादो बीस को मन्नत चढ़ाने यहां पहुंचते हैं।
हिमरी गंगा के सरोवर में सुबह चार बजे से स्नान प्रक्रिया शुरू हुई जो देर सांय तक निरंतर जारी रही। माता हिमरी गंगा के सरोवर के पास मंगलवार रात को ही श्रद्धालु पहुंच गए थे। रात भर मां का गुणगान करने के बाद हिमरी गंगा का स्नान बुधवार तड़के पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ शुरू किया गया। इस बार बाहरी राज्यों के श्रद्धालु भी हिमरी गंगा में स्नान करने पहुंचे। नारला के पास हिमरी गंगा के चरणों से निकली गुप्त गंगा की गुफा में भी बुधवार को श्रद्धालुओं ने स्नान किया। माता हिमरी गंगा के बीस भादो के स्नान की विशेष महता है। किवंदति है कि हिमरी गंगा की उत्पति भगवान श्री कृष्ण के अवतार चौहारघाटी के अराध्य देव हुरंग नारायण ने अपने बाल्यवस्था में एक गवाले के रूप में की थी। यहां पर दंपती संतान सुख प्राप्ति के लिए हिमरी गंगा का स्नान बीस भादो को करते हैं।