मंडी। जिला परिषद मंडी की त्रैमासिक बैठक में जिला परिषद सदस्यों ने पंचायतों में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की पूर्व सूचना न दिए जाने पर तल्खी दिखाई है। इसके अलावा स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर भी सदस्यों ने बैठक में सवाल खड़े किए हैं। बैठक की शुरुआत में जिप सदस्यों ने कृषि और बागवानी विभाग के अधिकारियों को कड़े शब्दों में पंचायतों में आयोजित होने वाले शिविरों की पूर्व सूचना देने की बात कही।
वहीं, अन्य जागरूकता शिविरों को लेकर भी संबंधित बीडीओ से सूचना देने की सदस्यों ने मांग उठाई है। मंगलवार को जिला परिषद मंडी की त्रैमासिक बैठक जिला परिषद अध्यक्ष चंपा ठाकुर की अध्यक्षता में परिषद कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। अध्यक्ष चंपा ठाकुर ने कहा कि जिप सदस्यों ने बैठक में सवाल उठाए हैं। विभागों की कार्यशालाओं में जहां प्रधानों और बीडीसी सदस्यों को विभाग आमंत्रित करता है, उन बैठकों अथवा कार्यशालाओं के बारे में विभाग जिला परिषद सदस्यों को सूचना नहीं देता है। जबकि, पंचायत प्रतिनिधि होने के नाते सभी जिप सदस्यों को इन कार्यशालाओं और बैठकों की जानकारी होना जरूरी है। इसके अलावा सदस्यों ने ग्राम सभाओं में जिप की भागीदारी को बढ़ाने की मांग उठाई है। साथ ही परीक्षाओं के समय में भी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर बैठक में चिता जाहिर की गई है।
बैठक में आय-व्यय का अनुमोदन
बैठक में त्रैमासिक आय-व्यय का अनुमोदन और सदस्यों से प्राप्त प्रश्नों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। वित्त वर्ष 2018-19 के अनुमोदित बजट तथा मरनेगा के शेल्फों को भी पारित किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त राघव शर्मा का सभी सदस्यों की ओर से पहली बार बैठक में भाग लेने के लिए स्वागत किया। इस अवसर पर विभिन्न सदस्यों से प्राप्त मदों का निपटारा किया गया तथा शेष मदों को संबंधित विभागों को शीघ्र निपटारे के लिए भेजा गया।
समय-समय पर जागरूकता शिविर लगाएं : राघव
अतिरिक्त उपायुक्त एवं कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद राघव शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सदस्यों की ओर से मदों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि लोगों के कार्य में किसी प्रकार की रुकावट उत्पन्न न हो । उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वह समय-समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर आयोजित करें। बैठक में जिला परिषद सदस्य श्याम सिंह चौहान, निर्मला चौहान, संतोष कुमार, भूपेंद्र कुमार ने अपने-अपने क्षेत्र में कृषि, बागवानी, श्रम, स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता शिविर आयोजित करने का आग्रह किया ताकि सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर परियोजना अधिकारी डीआरडीए प्रदीप कुमार, जिला पंचायत अधिकारी गिरीश समरा सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
दूध का न्यूनतम खरीद मूल्य तय करे सरकार
जिप मंडी की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में दूध की खरीद का न्यूनतम खरीद मूल्य तय करने को लेकर चर्चा की गई है। जिप अध्यक्ष चंपा ठाकुर ने कहा कि गांवों में मिल्कफेड बेहद कम दामों पर दूध खरीद रही है। जबकि, इन दिनों पानी की एक बोतल भी 20 रुपये की आती है। उन्होंने कहा कि गांवों में महिलाएं खुद भूखे पेट खाना खाने से पहले पशुओं के लिए चारा लाती हैं। लेकिन, उन्हें मेहनत के वाजिब दाम नहीं मिल रहे हैं। यहां पर दूध का न्यूनतम मूल्य खरीद मूल्य तय किए जाने की सख्त जरूरत है। इसे लेकर भी सरकार को आवश्यक कदम उठाने चाहिए।