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सीएम के गृह जिले को क्लस्टर विवि का करना होगा इंतजार

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मंडी। सरकार तो बदल गई है, लेकिन क्लस्टर यूनिवर्सिटी मंडी के अस्तित्व में आने की पहल के कदम ठहर गए हैं। अभी तक विस सत्र में यूनिवर्सिटी के अध्यादेश को विधानसभा में नहीं लाया गया है। प्रशासनिक मंजूरी की फाइल भी सरकार के पास अटकी पड़ी है। आलम यह है कि क्लस्टर यूनिवर्सिटी के तहत एमएलएसएम कॉलेज सुंदरनगर प्रबंधन से सरकार अभी तक एमओयू साइन नहीं कर सकी है। हालांकि, कॉलेज प्रबंधन ने एमओयू साइन करने के बाबत गत सरकार को डेढ़ वर्ष पहले पत्र लिखा था। लेकिन, सरकार की ओर से अभी तक इसका प्रबंधन को कोई जवाब नहीं मिला है। क्लस्टर यूनिवर्सिटी के लीड वल्लभ कॉलेज मंडी प्रबंधन ने भी प्रशासनिक मंजूरी की औपचारिकताएं पूरी कर प्रपोजल निदेशालय को सौंप दी है। लेकिन, अभी तक इस दिशा में कॉलेज प्रबंधन से कोई सकारात्मक जवाब अथवा निर्देश नहीं मिले हैं। विभाग का तर्क है कि प्रशासनिक मंजूरी का मामला आचार संहिता के चलते लटका हुआ था। वहीं, एमओयू का मामला सरकार को प्रेषित किया गया।
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लीड कॉलेज समेत तीन कॉलेजों को मिले 21 करोड़
क्लस्टर यूनिवर्सिटी के लिए लीड वल्लभ कॉलेज समेत द्रंग और बासा कॉलेज के लिए प्रदेश सरकार ने कुल 21 करोड़ की राशि जारी कर दी है। इसमें से 11 करोड़ मंडी और पांच-पांच करोड़ द्रंग और बासा कॉलेज के प्रशासनिक ढांचे को विकसित करने के लिए मिला है। लेकिन, इसे खर्च करने के लिए भी सरकार से प्रशासनिक मंजूरी का इंतजार है। वहीं, एमओयू साइन न होने से एमएलएसएम कॉलेज सुंदरनगर की पांच करोड़ की राशि अभी तक जारी नहीं हो सकी है।

मध्य जोन के हजारों विद्यार्थियों का इंतजार बढ़ा
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन भी यदि यूनिवर्सिटी का अध्यादेश पारित नहीं होता है तो मध्य जोन के जिलों के हजारों स्टूडेंट का इंतजार लंबा खिंच सकता है। क्लस्टर यूनिवर्सिटी के एक्ट में प्रारंभिक चरण में 100 कॉलेजों को जोड़ने का प्रावधान रखा गया है। जिससे क्लस्टर यूनिवर्सिटी के अस्तित्व में आने से मध्य जोन के जिलों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।
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नहीं मिला पत्र का जवाब : जम्वाल
एमएलएसएम कॉलेज के प्राचार्य पवन जम्वाल ने कहा कि डेढ़ वर्ष पहले कॉलेज की मैनेजिंग कमेटी के प्रेजिडेंट डा. हरि सेन ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखा था। लेकिन, अभी तक विभाग के अधिकारियों की कॉलेज प्रबंधन से मीटिंग नहीं हो सकी है। एमओयू के क्लॉज के बारे में भी विभाग अथवा सरकार से कोई जानकारी नहीं मिली है। प्रबंधन सरकार के जवाब के इंतजार में है। शिक्षा सचिव से मिलने का समय मांगा गया है।

एमओयू से सरकार से मंजूरी का इंतजार : वैद्य
अतिरिक्त निदेशक कॉलेज डॉ. कृष्ण वैद्य ने कहा कि प्रशासनिक मंजूरी जल्द ही प्रदान की जाएगी। वहीं, एमएलएसएम कॉलेज सुंदरनगर के साथ भी एमओयू जल्द साइन होगा। प्रदेश सरकार को एमओयू प्रेषित किया गया है। मंजूरी मिलते ही कॉलेज प्रबंधन से एमओयू साइन होगा।
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