चल्हारग में लगेगा 35 लाख का कूड़ा संयंत्र
जोगिंद्रनगर में गंदगी नहीं लगाएगी ग्रहण
शहर में गंदगी पर विधायक ने लिया संज्ञान
अमर उजाला ब्यूरो
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नगर परिषद और चल्हारग पंचायत के बीच कचरे की डंपिंग को लेकर उत्पन्न विवाद जल्द थम सकता है। शहर में लगे कूड़े के ढेर और गंदगी को खुले आम जलाने के मामले में शुक्रवार को विधायक प्रकाश राणा ने प्रशासन और नगर परिषद प्रबंधन को बुलाकर बैठक में बीच का रास्ता निकालने के प्रयास किए। बैठक में चल्हारग में कचरे को डंप करने के साथ ही इसके निष्पादन के लिए करीब 35 लाख के कूड़ा निष्पादन संयंत्र लगाने पर सहमति बनी है। प्रत्येक पार्षद द्वारा अपने वार्डों के विकासात्मक कार्यों के लिए स्वीकृत राशि से 03-03 लाख रुपये कूड़ा निष्पादन संयंत्र पर खर्च करने पर हामी भरी है। प्रतिमाह 80 हजार और वार्षिक करीब 10 लाख की राशि कूड़े की छंटनी के लिए टेंडर भी होंगे। वहीं, डंपिग साइट में शहर के कचरे को पूरे वैज्ञानिक ढंग से डंप किया जाएगा। जबकि कचरे की छंटनी के निजी ठेकेदार के आठ सफाई कर्मचारी भी डंपिंग साइट में मौजूद रहेंगे। इस विशेष बैठक में नगर परिषद के पार्षद अजय धरवाल, लिपिक बलवंत कुमार और सफाई निरीक्षक मनोज कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
चल्हारग पंचायत में डोर-टू-डोर उठेगा कचरा
परिषद के कनिष्ठ अभियंता शशि भूषण ने बताया कि बैठक में मौजूद अजय धरवाल ने विधायक को बताया कि चल्हारग पंचायत के सैकड़ों लोगों को भी स्वच्छता अभियान के तहत लाभान्वित करने की योजना नगर परिषद ने तैयार की है। इसके तहत चल्हारग पंचायत में डोर-टू-डोर कचरा उठाया जाएगा।
विधायक और सांसद निधि से मिलेगा पैसा
विधायक ने कहा कि कूड़ा निष्पादन संयंत्र के लिए विधायक निधि और सांसद निधि से भी बजट का प्रावधान किया जाएगा। विधायक ने प्रशासन और नगर परिषद को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह स्वयं चल्हारग पंचायत में डंपिंग साइट का निरीक्षण कर पंचायत वासियों से समस्या पर बातचीत करेंगे।
गौरतलब है कि नगर परिषद की चिन्हित डंपिंग साइट में चल्हारग पंचायत के बाशिंदों द्वारा कचरे को डंप करने के लिए विरोध जताया जा रहा है। इस कारण शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लग चुके हैं। कचरे के ढेरों से निकल रही दुर्गंध से शहर वासियों के साथ-साथ राहगीरों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।