नेरचौक (मंडी)। नगर परिषद नेरचौक की आम सभा में विकास कार्यों को लेकर खूब बवाल हुआ। एक साल से कोई भी विकास कार्य न होने का आरोप लगाते हुए सात पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। साथ ही नप के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर रोष जताया। उन्होंने विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए अपनी बात रखी, लेकिन पार्षदों ने एक नहीं सुनी और बैठक कक्ष से बाहर आ गए। उधर, नगर परिषद अध्यक्ष लता देवी ने कहा कि विकास कार्य फिर से सुचारु होंगे। स्टाफ की दिक्कत के चलते परेशानी हो रही है। बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और समेत चार ही बैठक में मौजूद रहे। बहिष्कार के बाद अटकलें अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के तख्तापलट की भी हो रही हैं लेकिन अभी तक इस यह तस्वीर साफ नहीं हो सकी है किसकी कुर्सी को अधिक खतरा है।
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इस तरह उलझा मामला
मामला तब उलझा जब नप अध्यक्ष की ओर से पार्षदों के रखे प्रश्नों का उचित उत्तर नहीं मिला। पार्षद रजनीश सोनी ने सबसे पहले मुद्दा उठाया कि वर्ष 2018 के विकास कार्यों की सूची प्रदान की जाए। अध्यक्ष ने बताया कि नगर परिषद कार्यालय में नियमित अधिकारी न होने के कारण विकास कार्य ठप हैं। कनिष्ठ अभियंता, वरिष्ठ सहायक और अन्य स्टाफ की कमी नगर परिषद में चल रही है। पार्षद सुमन चौधरी, सरस्वती ठाकुर, राम कृष्ण, आलम चंद, अमर प्रीत कौर, पार्षद मनी राम और रजनीश सोनी ने कहा कि अगर व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो नगर परिषद की आगामी बैठकों में भी बहिष्कार किया जाएगा।
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