अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जोनल अस्पताल में मरीजों को राहत मिल गई है। यहां छह डॉक्टरों ने पदभार संभाल लिया है। ऐसे में अव्यवस्था से जूझ रहे अस्पताल और रोगियों को परेशानी मिली है। इससे पहले चिकित्सकों के अभाव के कारण साधारण रोगों से ग्रसित लोगों को भी सुबह से लेकर शाम तक लाइनों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा था, लेकिन अब कैजुअल ओपीडी में एक साथ चार से पांच डॉक्टर मरीजों की जांच कर रहे हैं। इससे दूरदराज के इलाकों से आने वाले लोगों को राहत मिली है। उधर, एमएस केएस मल्होत्रा ने बताया कि छह डॉक्टरों ने फरवरी अंत तक अपना कार्यभार संभालकर कार्य शुरू कर दिया है। अब अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या संतोषजनक हो गई है। इन छह डॉक्टरों में डॉ. अपूर्वा, डॉ. सोनल चौधरी, डॉ. कनिका, डॉ. रंजीत ठाकुर, डॉ. तनु शर्मा और डॉ. निखिल शर्मा शामिल हैं। सभी मेडिकल ऑफिसर हैं और इनमें चार महिला डॉक्टर हैं। हालांकि, अभी तक यहां पर स्त्री विशेषज्ञ नहीं होने के कारण परेशानी बनी हुई है, लेकिन शहरवासियों ने सरकार का छह डॉक्टर देने के लिए आभार जताया है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती की मांग
शहरवासियों ने सरकार से जोनल अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती जल्द करने की भी गुहार लगाई है। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज शुरू होने के कारण मंडी अस्पताल से बहुत से डॉक्टर और अन्य स्टाफ वहां पर तैनात हो गया था। इसके कारण अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी चल रही थी। लेकिन सरकार ने इस कमी को देखते हुए छह डाक्टर यहां पर तैनात करने की बात कही थी, जिन्होंने कार्यभार संभाल कर लोगों को काफी हद तक राहत पहुंचाई है।