मंडी। श्रद्धा और आस्था के प्रतीक अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में देव समागम सज गया है। महापर्व के लिए छोटी काशी मंडी पूरी तरह से तैयार है। महोत्सव में देव समागम की शोभा बढ़ाने के लिए करीब डेढ़ सौ देवी-देवता मंडी पहुंच चुके हैं। बड़ा देव कमरूनाग के बाद सोमवार को देव पराशर ने भी माधोराय मंदिर में हाजिरी भरकर पर्व की शोभा बढ़ाई। चौहारघाटी और सराजघाटी की देव धुन ने भी महोत्सव को चार चांद लगाए। एक साल बाद देवताओं के आगमन और वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि से शहर भक्तिमयी माहौल से सराबोर हो उठा। सोने, चांदी से तैयार देव मोहरों की सुरक्षा कड़ी रहेगी। महोत्सव में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले में 216 देवी-देवताओं को बुलाया गया है। राज देवता माधोराय और मंडी के आराध्य देव बाबा भूतनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने के बाद देवता अपने ठहरने वाले स्थानों पर पहुंचे। टारना माता मंदिर में भी बड़ा देव कमरूनाग के दर्शनों को लेकर भक्ति का सैलाब उमड़ा है। मंदिर के पुजारी हर्ष कुमार ने बताया कि मंदिर में दर्शनों को लेकर भीड़ उमड़ी है।
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3 बजे पड्डल मैदान पहुंचे देव पराशर
देव पराशर ऋषि तीन बजे के करीब ऐतिहासिक पड्डल मैदान पहुंचे। यहां पर मेला कमेटी ने देव का स्वागत किया। यहां पर कई देवताओं ने देव पराशर ऋषि से मिलन किया और फेरी ली। इसके बाद देव पराशर ने राजदेवता माधोराय के मंदिर में हाजिरी भरी।
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साथ-साथ पहुंचे सराज और चौहार के देवता
चार बजे के करीब चौहारघाटी के देवता राज दरबार में पहुंच गए। बड़ादेयो हुरंग नारायण ने दरबार में चौहारक्षेत्र के देवताओं की अगुवानी की। चौहार के देवताओं के हाजिरी भरने के तुरंत बाद सराज क्षेत्र के देवता देव बड़ा विष्णु मतलोड़ा, देव चुंजवाला, छमांहू-छांजनू, शैटीनाग दरबार में हाजिरी भरने पहुंचे।
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