बस सेवा बहाल न होने पर ग्रामीण लामबंद
कहा-सप्ताह में बहाल न हुई सेवा तो जाएंगे न्यायालय
बार-बार प्रस्ताव भेजने के बाद भी हो रही है अनदेखी
अमर उजाला ब्यूरो
पधर (मंडी)। प्रदेश सरकार का सुगम यातायात सेवा का दावा द्रंग विधानसभा क्षेत्र में हवा हवाई साबित हो रहा है। यहां यातायात सेवाओं के चरमराने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। आलम यह है कि ग्रामीण क्षेत्र के रूटों में चलने वाली सिंगल बसें यात्रियों से खचाखच भरी होने के कारण जहां यात्रियों को मीलों सफर खड़े-खड़े तय करना पड़ रहा है, वहीं इलाका रणा रोपा के लिए बस सेवाएं न होने से यात्री खासे परेशान हैं। यात्रियों को किराए पर टैक्सी हायर कर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है या पधर से वाया जोगिंद्रनगर होकर लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।
उपमंडल मुख्यालय पधर से जोगिंदर नगर वाया दमेला नौहली भराडु के लिए शाम के समय कोई भी बस सेवा न होने पर इलाका रणा रोपा की जनता अब लामबंद हो गई है। बस सेवा न होने से आधा दर्जन से अधिक पंचायतों के ग्रामीणों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत बाता री बिहुं के प्रधान रोशन लाल, नौहली की प्रधान रमा शर्मा, उप प्रधान अनिल राणा, भड़वाहन के प्रधान जितेंद्र ठाकुर, चुक्कू की प्रधान अंजू चावला, लेख राम, रेखा, कुसुम लता, नेहा, राज कुमार, गुरदेव, चेत राम, नारायण सिंह, रेवत राम, कुलदीप कुमार आदि का कहना है कि सायंकालीन कोई भी बस सेवा न होने से ग्राम पंचायत चुक्कू, नौहली, बिहुं, भराड़ू, कस, बल्ह चलाहरग आदि पंचायतों के लोगों को भारी परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा समस्या कॉलेज जाने वाले छात्रों और कर्मचारियों को झेलनी पड़ रही है।
रूट पर पहले चलती थी मंडी डिपो की बस
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस रूट पर शाम के समय पहले मंडी डिपो की बस चलती थी लेकिन करीब तीन सालों से यह बस बंद कर दी गई है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने पूर्व सरकार के समय में भी समस्या को बार-बार उठाया लेकिन कोई भी सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। अब प्रदेश में सत्तासीन भाजपा सरकार से भी पंचायत प्रस्ताव भेजकर बस सेवा बहाल करने को मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से पत्राचार किया गया। बावजूद इसके कोई सुनवाई न होने से अब ग्रामीण भड़क गए हैं।
प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सरकार को चेताया
गुस्साए ग्रामीणों ने अब साफ शब्दों में सरकार को चेतावनी दी है कि पधर जोगिंदर नगर वाया नौहली भराड़ू के लिए सायं पांच बजे और जोगिंदर नगर से पधर के लिए सुबह साढ़े सात बजे निगम की बस सेवा को सप्ताह के भीतर बहाल नहीं किया गया तो ग्रामीणों को मजबूरन संघर्ष का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार और विभाग की होगी। जरूरत पड़ने पर ग्रामीण विभाग को सूचित कर चक्का जाम करने से भी गुरेज नही करेंगे। मामले को लेकर जनप्रतिनिधि न्यायालय की शरण में जाने से भी गुरेज नहीं करेंगे।