मंडी। जिलाभर में सैकड़ों बीएसएनएल कर्मचारी टावर कंपनी बनाने के विरोध में तल्ख हो गए हैं। राष्ट्रव्यापी आह्वान के चलते जिले के हर उपमंडल में बीएसएनएल कर्मी हड़ताल पर रहे। यह हड़ताल बुधवार को भी जारी रहेगी। टावर कंपनी के विरोध के साथ ही कर्मी और अधिकारी पे रिवीजन की मांग भी कर रहे हैं। हड़ताल के चलते जिलाभर में उपभोक्ताओं को मंगलवार को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता। न तो उपभोक्ता फोन का बिल जमा करवा पाए और न ही अन्य जरूरी कामों को पूरा कर सके। हड़ताल के दौरान कर्मियों ने खूब नारेबाजी की। कर्मचारियों-अधिकारियों ने सहायक टावर कंपनी का गठन करने का पुरजोर विरोध किया है। इसके साथ कर्मचारियों ने लंबे अरसे चली आ रही मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई है। यूनियन के जिला सचिव जेएस चौहान और हेमराज ने कहा कि मुख्य मांगों में सभी कर्मचारी और अधिकारी वर्ग को तीसरे वेतन संशोधन को 15 प्रतिशत फिटमेंट के साथ पहली जनवरी 2017 से लागू किया जाए। बीएसएनएल की सहायक टावर कंपनी के गठन को रोका जाना मुख्य रूप से मांगों में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से नए वेतनमान लागू कर दिए गए हैं। जबकि दूरसंचार निगम की ओर से मंजूरी न दिए जाने के कारण बीएसएनएल के सभी कर्मचारी और अधिकारी वर्ग को दिए जाने वाले वेतन संशोधन को लोक उद्यम विभाग, भारत सरकार द्वारा दी गई सिफारिशों के आधार पर एफोर्डबिलिटी के तहत रोक दिया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी यूनियन और एसोसिएशन 12-13 दिसंबर को दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। इस अवसर पर जिला सचिव अश्वनी शर्मा, बृजबिहारी सहित अन्य कर्मचारी सदस्य एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
सुंदरनगर में कर्मचारियों ने जमकर की नारेबाजी
सुंदरनगर (मंडी)। उपमंडल के तहत बीएसएनएल कर्मचारियों की संयुक्त संघर्ष समिति ने टावर कंपनी के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। मंगलवार को कर्मचारियों ने उपमंडल में कोई कामकाज नहीं किया और हड़ताल पर बैठ गए। ये सभी कर्मी और अधिकारी पे-रिवीजन की मांग के साथ टावर कंपनी के विरोध में देशव्यापी हड़ताल में भाग ले रहे हैं। यूनियन सचिव नरेंद्र कुमार, विद्या प्रकाश और राजेंद्र सिंह मिन्हास के नेतृत्व में बीएसएनएल कर्मियों ने हड़ताल की और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि 15 प्रतिशत के साथ पे-रिवीजन करने और टावर कंपनी बनाने के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है। आज बीएसएनएल का अस्तित्व खतरे में है और इसी के चलते देशव्यापी हड़ताल की जा रही है जिसके चलते सुंदरनगर में भी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इनका कहना है कि कर्मचारियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए हड़ताल की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया जाए ताकि दूरसंचार सेवाओं में बाधा न पहुंचे। इधर, कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बीएसएनएल का काम भी प्रभावित हुआ है। अपना मोबाइल और लैंडलाइन का बिल देने पहुंचे लोगों को मंगलवार को खाली हाथ लौटना पड़ा है।
धर्मपुर में भी गरजे बीएसएनएल कर्मी
धर्मपुर (मंडी)। धर्मपुर के बीएसएनएल के उपमंडलीय कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने धरना दिया और अपनी मांगों को मानने की सरकार से अपील की। यह धरना बीएसएनएल कर्मचारी संघ इकाई धर्मपुर के प्रधान चमारू राम की अध्यक्षता में दिया गया, जिसमें तीसरा वेतन संशोधन लागू करने, 15 प्रतिशत फिटमेंट और सभी भत्तों के संशोधन के साथ हल करना, दूसरे पीसीआरसी के बकाया मुद्दों को हल करना, सहायक टावर कंपनी का गठन बंद करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने कहा कि इसी के चलते कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। बीएसएनएल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आज बीएसएनएल का कामकाज भी काफी हद तक प्रभावित हुआ है। बीएसएनएल कर्मचारी एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि आज बीएसएनएल का अस्तित्व खतरे में है और इसी के चलते देश व्यापी हड़ताल की जा रही है जिसके चलते हमीरपुर में भी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इस मौके पर सचिव बालम राम और कोषाध्यक्ष मस्त राम, हंस राज, विपन कुमर, संजू, प्रोमिला देवी, सिंकदर, कृष्ण चंद, दामोदर दास, डागू राम, सहित सभी कर्मचारी मौजूद रहे।