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पधर अस्पताल में आउटसोर्स पर रखे कर्मियों की नियुक्तियां रद्द

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पधर(मंडी)। सिविल अस्पताल पधर में रोगी कल्याण समिति की बैठक समिति में पिछले वर्ष कंपनी के माध्यम से आउटसोर्स पर रखे प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्तियां रद्द करने का फैसला लिया गया। कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की गई। गौरतलब है कि कंपनी के बंद हो जाने से संबंधित कर्मचारियों ने कोर्ट से स्टे ले रखा था। कोर्ट के आदेशानुसार आरकेएस की गवर्निंग बॉडी को निर्णय लेने के आदेश हुए हैं, जिसमें नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लिया गया। तर्क दिया गया कि रोगी कल्याण समिति के पास इतना बजट नहीं हो पाता कि वे अपने बलबूते पर किसी की नियुक्ति कर सके। वहीं प्रबंधन ने कहा कि इन नियुक्तियों के रद्द होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई असर नहीं होगा। बैठक अध्यक्ष व उपमंडलाधिकारी पधर डॉ. आशीष शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिसमें बताया गया कि वर्ष 2017-18 में रोगी कल्याण समिति की 13,32,801 रुपये आय हुई और 6,79,729 रुपये खर्च किए गए। उन्होंने बताया कि आगामी वित्त वर्ष के लिए अनुमानित बजट 14,93000 रुपये रखा गया है। बैठक में कार्यवाहक खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय वर्मा, रोगी कल्याण समिति की सचिव डॉ. शेखर कपूर, स्थानीय पंचायत प्रधान केहर सिंह, स्वास्थ्य शिक्षक मनोज, आईसीडीएस सुपरवाइजर प्रीतमा, नागेश ठाकुर, कनिष्ठ अभियंता लोक निर्माण विभाग रूप लाल, बीपीईओ जीआर कटारिया, नित्यानन्द, अतुल, चेतन तथा व्यापार मंडल प्रधान लाभ सिंह आदि मौजूद रहे।
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एनएच से अस्पताल तक का मार्ग भी होगा दुरुस्त
बैठक में नेशनल हाईवे से अस्पताल तक जाने वाले मार्ग की खस्ता हालत पर भी चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए , ताकि अस्पताल परिसर तक रोगियों को लाने व ले जाने में कोई भी दिक्कत न हो। इस दौरान अस्पताल के नए भवन के शीघ्र निर्माण पर भी चर्चा की गई तथा निर्णय लिया गया कि जब तक नए भवन का निर्माण नहीं हो जाता तब तक पुराने भवन पर कोई भी अतिरिक्त खर्च न किया जाए।

कहां कितना होगा खर्च
बैठक में अस्पताल रोगियों की सुविधा के लिए खरीदे जाने वाले विभिन्न सामानों की खरीद-फरोख्त पर चर्चा की गई तथा सर्वसम्मति से इसकी अनुमति दी गई। इस दौरान एक्स-रे विभाग के लिए अनुमानित 50 हजार, प्रयोगशाला में 10 हजार, ओपीडी में 10 हजार, दंत चिकित्सा विभाग में 25 हजार, दवाइयों के स्टोर के लिए 1,50000 रुपये, नेत्र विभाग में 20 हजार तथा अन्य में लगभग 55 हजार रुपये की खरीद के लिए सहमती दी गई। इस दौरान आउटसोर्स के तहत रखे गए दो प्रयोगशाला सहायकों को निकाले जाने पर भी चर्चा की गई।
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