फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

18 स्कूली बसों के चालान, 17 में ओवरलोडिंग, एक जब्त

विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जंजैहली/गोहर/मंडी। नूरपुर में स्कूल बस हादसे में 23 बच्चों समेत 27 की मौत के बाद भी स्कूल प्रबंधनों ने सबक नहीं सीखा है। बच्चों की जान से खिलवाड़ इस कदर हो रहा है कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाले चालकों को ही स्कूल बसों के स्टेयरिंग थमा दिए जा रहे हैं। वहीं ओवरलोडिंग को धड़ल्ले से अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस की स्कूल प्रबंधनों की यातायात व्यवस्था की चेकिंग के दौरान ऐसे कई चौंकाने वाले खुलासे हुई हैं। जिसमें पुलिस ने चालान की कार्रवाई की है। जिला भर में करीब 18 बसों समेत दो दर्जन वाहनों के चालान हुए हैं। इनमें 17 स्कूली और एक निजी बस शामिल है। दिन भर चली कार्रवाई में मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र सराज में दो बसों के चालान हुए हैं। इन बसों को बिना लाइसेंस के चालक चला रहा था। एक बस जब्त कर ली गई है। जबकि गोहर में भी बिना लाइसेंस के स्कूली बस चलाने का एक मामला सामने आया है। जबकि, अन्य 14 स्कूली बसों के ओवरलोडिंग, एक निजी बस के ओवरलोडिंग तथा अधूरे दस्तावेजों के चलते चालान हुए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। उधर, शहर में पुलिस ने स्कूल वैन और आटो के भी धड़ल्ले से चालान किए गए। जबकि तीन बस चालकों को वार्निंग के बाद छोड़ दिया गया। प्रशासन ने सर्कुलर जारी करते हुए स्कूलों को यातायात नियमों की पालना के निर्देश दिए हैं। उधर, एसपी गुरदेव चंद ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी। स्कूल प्रबंधनों को यातायात नियमों की पालना को लेकर सर्कुलर भेजे गए हैं।
विज्ञापन


स्टोरी-02
नेरचौक में सबसे अधिक स्कूल बसों के चालान
नेरचौक/सरकाघाट/सुंदरनगर। ओवरलोडिंग करके स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़ करने में नेरचौक के स्कूल सबसे आगे हैं। यहां वीरवार को पुलिस ने चेकिंग के दौरान 10 स्कूली बसों और एक ओवरलोड निजी बस का चालान किया है। सड़क हादसों के लिए नेरचौक सबसे अधिक संवेदनशील है और स्कूली बसों में ओरवलोडिंग की कोताही मासूमों की जान पर भारी पड़ सकती है। लेकिन, इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन की आंखों में पट्टी बंधी है। वहीं सुंदरनगर की स्कूल बसेें भी नियम तोड़ने से पीछे नहीं है। यहां 3 और सरकाघाट में 1 बस के चालान किए गए हैं। हालांकि मंडी सदर में तीन बसों के चालकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।
स्टोरी-03
हैरत: सीएम के गृहक्षेत्र में ही स्कूल प्रबंधन बेखौफ
बिना बस की फिटनेस, आरसी, इंश्योरेंस के दौड़ा रहे बसें
अमर उजाला ब्यूरो
जंजैहली (मंडी)। प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र में भी निजी स्कूल प्रबंधन बेखौफ हैं। नूरपुर की त्रासदी के बाद भी स्कूल प्रबंधनों ने नौनिहाल की यातयात व्यवस्था सुरक्षित नहीं की है। वीरवार को सूबे में निजी स्कूल बस हादसे के बाद मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र सिराज के जंजैहली में पुलिस ने निजी स्कूलों की बसों की जांच में एक निजी स्कूल बस का निरीक्षण किया तो चालक और परिचालक पुलिस को बस से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए। बिना ड्राइविंग लाइसेंस से बस चालक स्कूली बच्चों को ले जा रहा था। पुलिस ने बस चालक से लाइसेंस मांगा तो वह नहीं दिखा पाया। परिचालक से जब पुलिस ने लाइसेंस मांगा तो उसके पास भी लाइसेंस नहीं मिला। पुलिस ने बस का फिटनेस सर्टिफिकेट मांगा तो स्कूल बस चालक वह भी नहीं दिखा पाए। पुलिस ने बस की इंश्योरेंस और आरसी मांगी तो बस में वह भी नहीं थी। जिसके बाद पुलिस ने बस को जब्त कर दिया। पुलिस के अनुसार बस ड्राइवर दिल्ली से संबंध रखने वाला है और जंजैहली में निजी स्कूल की बस को चला रहा था। पुलिस ने बस मालिक को 63 सौ रुपये का जुर्माना लगाया। जंजैहली में पुलिस की एक अन्य छापामारी में पुलिस ने जंजैहली में ही एक अन्य स्कूल बस को जब तलाशी के लिए रोका तो बस चालक की हेल्पर के पास कोई लाइसेंस न होने के कारण पुलिस ने बस का चालान कर दिया और 5 सौ जुर्माना ठोक दिया। सब इंस्पेक्टर जंजैहली सुरेंद्र कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने सराज क्षेत्र में चल रहे निजी स्कूलों के सभी वाहनों की चेकिंग का अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि लापरवाह स्कूलों को कतई भी बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने वायलेंस ऑफ लाइसेंस अधिनियम के तहत केस दर्ज कर दिया है और छानबीन शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें