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18 हजार फीट की ऊंचाई पर सौ भेड़पालक फंसे, खाना हुआ खत्म

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बरोट(मंडी)। 18 हजार फीट की ऊंचाई पर कांगड़ा के बड़ा भंगाल की दुर्गम घाटी मुराला धार में बर्फ के बीच अभी भी सात हजार मवेशियों के साथ करीब सौ भेड़पालक फंसे हैं। इनका राशन खत्म हो चुका है। पूरा इलाका कटा हुआ है। ऐसे में इनकी चिंता बढ़ गई है। मवेशियों के साथ गए पधर के भेड़पालक की ठंड से मौत हो गई है। मृतक की पहचान राकेश कुमार (26) पुत्र सिधु राम गांव गर्लोग तहसील पधर जिला मंडी के रूप में हुई है। भेड़पालकों में ज्यादातर मंडी जिले के बताए जा रहे हैं। लोगों ने प्रशासन और पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी है।
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मृतक के रिश्तेदारों छठा सिंह, टेक चंद, खुशहाल, भूमि चंद, मस्त राम, सरन दास ने बताया कि उन्हें फोन से सूचना मिली है उनके एक अन्य साथी इंद्र गोपाल भी घायल अवस्था में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है। गांव से 12 भेड़ पालकों की टीम वाया भुजलिंग मदद के लिए निकल चुकी है। मृतक के चाचा थोथी राम ने चौकी मुल्थान में सूचना दी है। मुल्थान तहसील के नायब तहसीलदार ने कहा कि एक भेड़पालक की मौत की सूचना मिली है। दूसरे घायल को बड़ा भंगाल उठा कर लाया गया है। प्रशासन रेस्क्यू करने में जुटा है।
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भेड़पालकों ने सुनाई आपबीती
कांगड़ा की दुर्गम पहाड़ियों से बरोट लौटे मियोट गांव के दो भेड़ पालकों अनिल कुमार और मौजी राम ने बताया कि भारी बर्फबारी में 7 हजार बकरियों सहित 100 भेड़ पालक बड़ा भंगाल में फंसे हुए हैं। खाने का सारा सामान खत्म हो गया है। अनिल कुमार की 75, राज कुमार की 60, चेत राम की 40 बकरियां मर चुकी हैं। भेड़पालकों ने सीएम से बड़ा भंगाल में फंसे भेड़पालकों को सुरक्षित निकालने की मांग की है।
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