मंडी। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्ट एसोसिएशन की राज्यव्यापी हड़ताल का मंडी जिले में मिला जुला असर रहा है। करसोग, सरकाघाट और नगवाईं में हड़ताल बेअसर रही जबकि मंडी, जोगिंद्रनगर में हड़ताल का मिला जुला असर रहा। सुंदरनगर, गोहर और थुनाग में बंद का काफी प्रभाव देखा गया। इस दौरान सरकारी दवा की दुकानें खुली रहीं। हालांकि लोगों को थोड़ी दिक्कत हुई लेकिन पूर्ण बंद न होने से लोगों ने राहत की सांस ली। उधर, मंडी में केमिस्ट एसोसिएशन ने काले बिल्ले लगाकर प्रदर्शन किया और एडीएसी के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजा।
निर्णय वापस न लिया तो करेेंगे आंदोलन : ब्रह्मदास
सुंदरनगर (मंडी)। दवाओं के ऑनलाइन कारोबार को मान्यता देने वाले कानून (इंटरनेट फार्मेसी) के विरोध में शुक्रवार को सुंदरनगर उपमंडल में निजी दवा दुकानें पूरी तरह से बंद रहीं। हिमाचल प्रदेश सोसायटी ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन सुंदरनगर के अध्यक्ष ब्रह्मदास चौहान ने बताया है कि भारत सरकार ने 28 अगस्त को एक अधिसूचना जारी कर ऑनलाइन दवा बिक्री को मान्यता देने का प्रस्ताव किया है। इसके विरोध में देशभर के केमिस्टों ने 28 सितंबर को एक दिन की हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि संघ ने एसडीएम राहुल चौहान के माध्यम से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को ज्ञापन भेज कर निर्णय का विरोध जताया है। अन्यथा आने वाले दिनों में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। इस मौके पर अमित सैनी, पंकज कुमार, अनिल कुमार, राजकुमार, तेजेंद्र गुप्ता, राजीव ठाकुर, खेमराज, जगदीश बाली, राजेश कुमार एवं रोशन लाल सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे। केमिस्टों के हड़ताल पर जाने से दवा के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकतर लोग नागरिक अस्पताल स्थित सरकारी दवा की दुकान पर दवा लेते देखे गए।