मंडी। आपातकाल में एंबुलेंस सेवा न मिलने के कारण अब रोगियों की जान जोखिम में नहीं पड़ेगी। जिला मंडी में इमरजेंसी सर्विस के लिए एंबुलेंस सेवा का विस्तार जल्द हो सकता है। हादसों के लिए अति संवेदनशील करसोग, मनाली एनएच पर नगवाईं से मंडी तक के 71 किमी स्ट्रेच समेत डैहर और जिला मुख्यालय को जल्द एक एक एंबुलेंस मिलेगी। शुक्रवार को जिले में 108 नेशनल एंबुलेंस सेवा की समीक्षा बैठक में इस पर मुहर लग चुकी है। मामला अब स्वास्थ्य निदेशालय स्वीकृति के लिए भेजा गया है। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त अश्विनी कुमार ने की।
मीटिंग में मंडी जोन के प्रोग्राम मैनेजर मुश्ताक अहमद ने 108 एंबुलेंस की ओर से दी जा रही बेहतरीन सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उनके साथ जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. जोगिंद्र ठाकुर ने जिले में एंबुलेंस सेवा के विस्तार के तर्क दिए। कहा कि 70 पंचायतों के केंद्र करसोग में एक ही एंबुलेंस सेवा है। यहां रेफर मरीजों की संख्या काफी रहती है। जब एंबुलेंस रेफर केस लेकर जाती है तो पीछे एंबुलेंस सेवा बंद हो जाती है। लिहाजा यहां के लिए रेफर रोगियों को बाहरी राज्यों, आईजीएमसी या मंडी पहुंचाने के लिए एक (आईएफटी) इंटर फेसिलिटी ट्रांसफर एंबुलेंस की मांग की है। जबकि डैहर में भी एंबुलेंस सेवा मांगी गई है। यहां आपात समय में काफी दिक्कत होती है। यहां 6 किमी दूर पंजगाईं बैरी (बिलासपुर) से एंबुलेंस मंगवाई जाती है। जबकि, मनाली एनएच पर हादसों के लिए सर्वाधिक संवेदनशील नगवाईं से लेकर मंडी तक 70 किमी स्ट्रेच पर एक अतिरिक्त एंबुलेंस की मांग की गई है। इस दूरी में कोई भी एंबुलेंस नहीं है। वहीं, एक अन्य एंबुलेंस मंडी जोनल अस्पताल में रेफर मरीजों को ले जाने के लिए मांगी है। यहां रेफर मरीजों को ले जाने वाली एक ही एंबुलेंस है। यदि यह एंबुलेंस किसी मरीज को लेकर गई है तो अन्य रेफर मरीज को बाहर भेजने में पसीने छूटते हैं। वर्तमान में मंडी में 31 एंबुलेंस दौड़ रही हैं। यदि चार और इस बेड़े में शामिल होती है तो मंडी में एंबुलेंस की संख्या 35 होगी। बैठक में इस मौके पर कमांडेंट होमगार्ड मेजर खेम सिंह, फायर आफिसर भूपेंद्र डोगरा, सचिव रेडक्रास सोसायटी ओपी भाटिया और जिला प्रभारी सौरभ ठाकुर भी उपस्थित रहे।
2746 में 111 डिलीवरी एंबुलेंस ही हुईं
गर्भवती महिलाओं के लिए 108 एंबुलेंस सेवा वरदान साबित हो रही है। छह माह में इस दौरान 2746 केसों में गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया है। जिसमें 111 डिलीवरी एंबुलेंस में ही हुई हैं। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने एंबुलेंस सेवा की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में 198 एंबुलेंस आपातकालीन सेवाएं दे रही हैं। जबकि, जिला मंडी में 31 एंबुलेंस 24 घंटे लोगों को बेहतरीन सेवाएं उपलब्ध करवा रही हैं।
छह माह में 15365 कॉल रिसीव
अप्रैल से सितंबर 2017 तक 108 इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर में 15365 इमरजेंसी कॉल रिसीव की गई। इस दौरान 14506 रोगियों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया। इसमें मेडिकल से संबंधित 14264, पुलिस से संबंधित 206 और फायर से संबंधित 36 मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान प्रसूति से संबंधित 2746, हृदय रोग से संबंधित 698, सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित 543 प्वॉयजनिंग से संबंधित 200, जानवरों के काटने के 182 तथा अन्य 4579 रोगियों को अस्पताल पहुंचा कर उन्हें चिकित्सा उपलब्ध करवाई गई।