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Mandi News: जोगिंद्रनगर में 100 साल पुराने स्कूल में लटका ताला

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राजकीय बाल और प्राथमिक पाठशाला को सीबीएसई पाठ्यक्रम में बदलने से छाया सन्नाटा
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हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में नहीं मिल रहा दाखिला

संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में करीब 100 साल पुरानी राजकीय बाल व प्राथमिक पाठशाला बंद होने जैसी स्थिति में पहुंच गई है। विद्यार्थियों की आवाजाही रुकने से स्कूल के मुख्य द्वारों पर ताले लग गए हैं। यह बदलाव स्कूल को सीबीएसई पाठ्यक्रम में मर्ज करने के कारण हुआ है, जिससे कई विद्यार्थियों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब 600 छात्रों को राजकीय बाल व प्राथमिक पाठशाला से हटाकर शहर की राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (सीबीएसई) में मिला दिया गया है। इससे वहां छात्रों की संख्या बढ़कर लगभग 1000 हो गई है। जो विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में पढ़ना चाहते थे, उन्हें अब दाखिला नहीं मिल पा रहा है। वहीं, कुछ अभिभावक निजी स्कूलों की ओर रुख करने को मजबूर हैं, लेकिन वहां की अधिक फीस उनके लिए समस्या बन रही है। शिक्षक संगठनों और स्थानीय शिक्षकों का कहना है कि पुराने स्कूल में प्रदेश शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम बंद करना उचित नहीं है, क्योंकि इससे कई छात्र शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। पीटीए अध्यक्ष ने भी स्कूल को दोबारा मान्यता देने और पुराना पाठ्यक्रम बहाल करने की मांग की है। शिक्षा विभाग के अनुसार बाल पाठशाला की सुविधाओं और भवन का उपयोग अब मर्ज किए गए लीड स्कूल द्वारा किया जाएगा।
बाल पाठशाला जोगिंद्रनगर में हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम कर देने से विद्यार्थी दाखिले से महरूम हैं और सीबीएसई से मान्यता प्राप्त शहर के स्कूल में दाखिले की प्रक्रिया को बंद कर दिया है। शिक्षा विभाग इस स्कूल को दोबारा मान्यता प्रदान करें ताकि विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को पूरा कर सकें। -दौलत राम ठाकुर, पीटीए अध्यक्ष, राजकीय बाल पाठशाला जोगिंद्रनगर।
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बाल और प्राथमिक पाठशाला को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या (सीबीएसई) में मर्ज किया है अब बाल पाठशाला के भवन व अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल लीड स्कूल ही करेगा। -यशवीर धीमान, उच्च शिक्षा उपनिदेशक, जिला मंडी।
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