बहुचर्चित सिया हत्याकांड में पुलिस की ओर से तैयार चार्जशीट से संबंधित कानूनी आपत्तियां दूर कर ली गई हैं। करीब 200 से अधिक पन्नों वाला चालान तैयार किया गया है। हत्या आरोप को पुख्ता करने के लिए चालान में फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्य के साथ गवाहों के बयान को आधार बनाया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस किसी भी तरह की कानूनी या तकनीकी चूक नहीं छोड़ना चाहती थी। इसी कारण चार्जशीट को अंतिम रूप देने से पहले प्रॉसिक्यूशन विभाग से कानूनी परीक्षण करवाया गया। समीक्षा के दौरान उठाई गई आपत्तियों और सुझावों को शामिल कर फाइल को संशोधित किया गया है। प्रॉसिक्यूशन विभाग की समीक्षा के बाद जांच फाइल पुलिस को वापस मिल गई है।