मंडी में मस्जिद के अवैध निमार्ण के विवाद को लेकर पुलिस कर्मियों के साथ धक्का मुक्की करते प्रदर्शनकार
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बेशक शुक्रवार को जेल रोड में मस्जिद के अवैध निर्माण मामले में प्रदर्शनकारी आपा खो बैठे थे, मगर पुलिस ने उनको हिंसक होने से रोका और जानमाल की सुरक्षा करने में कामयाब हो गई। यहां पर पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने में कड़ी मशक्कत की और शहर में बिना किसी हिंसक घटना के शांति और कानून व्यवस्था को कायम किया।
इसके पीछे संजौली में हुई घटना से सबक लेना था। इस घटना में पुलिस और अन्य लोगों को काफी चोटें आई थीं और प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए थे, जिन्हें रोकने में शिमला पुलिस और प्रशासन नाकाम रहा था। लेकिन मंडी में पुलिस और प्रशासन ने तालमेल बनाए रखा। उन्होंने हिंदू संगठनों के प्रदर्शन को गंभीरता से लिया गया। वीरवार को ही प्रशासन पुलिस के आला अधिकारी सतर्क हो गए थे।
रातोंरात ही कर डाली सुरक्षा की तैयारी
हिंदू संगठनों के धरने से किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पूरी तैयारी रातोंरात ही कर डाली। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन, एडीसी, एडीएम सहित सभी प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारियों में एसपी साक्षी वर्मा, एएसपी सागर चंद्र सभी ने इस स्थिति को निपटने के लिए तालमेल दिखाया। शहर में इस तरह से व्यवस्था कायम की कि प्रदर्शनकारी मस्जिद तक भी नहीं पहुंच पाए और 200 मीटर दूर सकोडी पुल से ही उनको शांतिपूर्ण तरीके से हटा दिया गया।