थुनाग के साथ लगती बहलीधार के बन्याड़ गांव के कुलदीप सिंह कहते हैं कि सेना के अलावा कोई उनके गांव तक नहीं पहुंचा। चिमटी, सलूट, बदनेच, शुरल, थलीधार, जोहड़ और कचूट गांवों की स्थिति भी ऐसी ही है। यहां एक दर्जन से अधिक मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। प्रभावित मस्त राम, जय सिंह, नरेंद्र कुमार, मोहन, नंद लाल, कर्म सिंह, लाभ सिंह और नरेंद्र कुमार सब कुछ गंवाकर रिश्तेदारों के पास शरण लिए हुए हैं। कुलदीप सिंह ने बताया कि राशन किट के अलावा कोई मदद नहीं मिली। पंचायत में आपदा से जानी नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन बड़ी संख्या में घर बाढ़ में बह गए।
उपतहसील बागाचनोगी की शिल्हीबागी, बागाचनोगी, शिवा कुठेहड़, भाटकीधार, कलहणी, खबलेच और जैंशला पंचायतें भी उपमंडल मुख्यालय से कटी हुई हैं। लंबाथाच-कलहणी-पंडोह मार्ग बंद है। वायुसेना ने हेलिकाप्टर से राहत सामग्री दी, लेकिन उसके बाद कोई मदद नहीं पहुंची। भाटकीधार के पूर्व प्रधान शिव लाल बताते हैं कि बिजली-पानी बहाल नहीं हुआ। उपतहसील छतरी की गतू, खुनाची, ब्रेयोगी, मेहरीधार, काकड़ाधार, बहल, बगड़ाथाच और छतरी पंचायतों में जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन सड़कें बंद होने से भारी दिक्कतें हैं।
चैल-जंजैहली सड़क बहाल होने से राहत
चैल-जंजैहली सड़क छोटे वाहनों के लिए बहाल होने से बगस्याड़, थुनाग, लंबाथाच, जरोल, पांडव शीला, कुथाह, बूंगरैलचौक, संगलवाड़ा और जंजैहली में प्रशासन ने सभी परिवारों को राशन उपलब्ध करवाया है। स्वयंसेवी संस्थाएं राशन, बर्तन और घरेलू जरूरत की चीजें बांट रही हैं, जिससे राहत कार्यों में तेजी आई है।