सराज क्षेत्र में 30 जून को आई प्राकृतिक आपदा में लापता लोगों के मृत्यु पंजीकरण प्रमाणपत्र 2024 में जारी अधिसूचना के अनुसार जारी होंगे। इस अधिसूचना के मुताबिक जो व्यक्ति प्राकृतिक आपदा में लापता हो जाते हैं, उनका मृत्यु पंजीकरण पत्र जारी किया जाएगा। आपदा के इंसीडेंट कमांडर सुरेंद्र मोहन ने बताया कि बादल फटने और बाढ़ से मृतकों के पंजीकरण के लिए गाइडलाइंस के मुताबिक मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जा सकेंगे। सराज में 30 जून को आई आपदा में सात लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 21 लोग लापता हो गए थे। लापता लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने पंडोह बांध से लेकर देजी और दूसरी तरफ पांडव शीला में व्यापक तलाशी अभियान चलाया हुआ है। अब एनडीआरएफ को सर्च अभियान से हटा दिया गया है और एसडीआरएफ चुनिंदा स्थानों में तलाशी अभियान जारी रखे हुए है। यह तलाशी अभियान इस सप्ताह के अंत तक चलने की संभावना है। आपदा में लापता लोगों के परिजनों ने हिंदू परंपरा के मुताबिक 12 जुलाई को ही क्रियाकर्म कर दिया है।