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हाईकोर्ट का हेल्थ एजुकेटर्स के पक्ष में बड़ा फैसला: 2012 से उच्च ग्रेड पे, वास्तविक लाभ 2013 से देने के आदेश

Wed, 14 Oct 2026 06:49 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ एजुकेटर्स के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उन्हें निचली श्रेणी (फीडर कैटेगिरी) के कर्मचारियों से कम वेतन देने की विसंगति को दूर करने के आदेश दिए हैं। 
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ एजुकेटर्स के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उन्हें निचली श्रेणी (फीडर कैटेगिरी) के कर्मचारियों से कम वेतन देने की विसंगति को दूर करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने 30 जनवरी 2016 की उस अधिसूचना को रद्द कर दिया है, जिसमें स्वास्थ्य शिक्षकों को एक फरवरी 2016 से 4200 रुपये का ग्रेड पे दिया गया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि पदोन्नत पद पर कार्यरत कर्मचारियों को उनके अधीनस्थ (फीडर) कर्मचारियों के बराबर या उससे कम ग्रेड पे देना मनमाना और संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने माना कि निचली श्रेणी के स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों (महिला/पुरुष हेल्थ सुपरवाइजर) को एक अक्तूबर 2012 से 4200 रुपये का ग्रेड पे मिल रहा था, जबकि उनसे ऊंचे पद पर बैठे स्वास्थ्य शिक्षकों को भी यही ग्रेड पे देना और वह भी बाद की तारीख से तार्किक नहीं है।

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सरकार को आदेश दिए गए हैं कि वे मामले पर पुनर्विचार करें। इसके साथ ही स्वास्थ्य शिक्षकों को एक अक्तूबर 2012 से 4200 रुपये के ग्रेड पे से ऊपर का उचित आनुपातिक उच्च ग्रेड पे प्रदान करें। वेतन निर्धारण का लाभ 2012 से काल्पनिक रूप से देय होगा, जबकि वास्तविक मौद्रिक लाभ याचिका दायर करने की तिथि से तीन साल पहले यानी 2013 से दिए जाएंगे। अदालत ने राज्य प्राधिकारियों को इस फैसले का पालन करते हुए चार सप्ताह के भीतर सभी लाभ और संशोधित आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। यह फैसला शशि पाल ठाकुर और अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका को स्वीकार करते हुए पारित किया है।
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