नेता विपक्ष ने कहा कि भाजपा और प्रदेश के विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से भेजी राहत सामग्री को भी सरकार ने हथियाना चाहा। हमारी पार्टी और प्रदेश के लोग जो राहत सामग्री ला रहे थे उन्हें सरकार की ओर से संरक्षित अधिकारियों ने नाका लगवाकर एसडीएम और तहसीलदार को देने के लिए दबाव बनाया। सरकार अगर खुद कुछ नहीं कर सकती तो जो लोग कर रहे हैं, उन्हें करने देती। जो राशन सरकार ने हेलीकॉप्टर से भेजा, वह मुख्यमंत्री के चहेते कांग्रेसी नेता के घर गया। 20 से ज्यादा जेसीबी मशीनें लगाकर हमने रास्ते खोले। सरकार कुछ मशीनें लगाकर संख्या बताती है कि हमने इतनी मशीनें लगाई हैं।
सवाल यह नहीं है कि सरकार ने कितनी मशीनें लगाई हैं? सवाल यह है की कितनी मशीनें लगाई जानी चाहिए थी, जिससे कि समय फिर रास्ता खुल जाए। नेता विपक्ष ने कहा कि जो रास्ते हमने लोगों से मशीनें मांगकर खोले हैं, आज कांग्रेस के नेता कहते हैं कि उन सड़कों का काम निकालो और टेंडर हमारे नाम पर बना कर उसका पैसा हमें दे दो। उन्होंने कहा कि अपात्र लोगों को राहत राशि दी गई है। कुछ अफसर सरकार को गुमराह कर रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से दी गई धनराशि का दुरुपयोग हो रहा है।