मृतक नेपाल मूल के 30 वर्षीय अर्जुन और आरोपी की पहचान 37 वर्षीय करण के रूप में हुई है। हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस को दी शिकायत में घुमाना गांव के देव राज चौहान ने बताया कि एक महीने पहले उनके चाचा के लड़के बसंत लाल के माध्यम से उनकी मुलाकात दो नेपाली युवकों करण और अर्जुन से हुई थी। बातचीत के बाद दोनों युवकों को उन्होंने अपने बगीचे में काम करने के लिए बुला लिया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, 14 जनवरी की शाम वह अपने काम से मालंदी गांव गया था।
लौटते समय अर्जुन ने उनसे बाजार में खर्च के लिए 500 रुपये मांगे, जो उन्होंने दे दिए। शाम 6:45 बजे उन्होंने करण से फोन पर बात की, तो करण ने बताया कि दोनों कैंप में मौजूद हैं। अगले दिन सुबह करीब 7:30 बजे गांव के ललित ने देव राज को फोन कर बताया कि कैंप के पास खेत में एक नेपाली सो रहा है। जब वह वहां पहुंचा, तो देखा अर्जुन का खून से सना शव कैंप के कमरे में पड़ा था। उसका चेहरा और सिर खून से लथपथ था। घटनास्थल पर करण मौजूद नहीं था। आवाज लगाने पर करण खेत में लेटा हुआ मिला। उसने पास में कंबल और एक काला बैग रखा हुआ था।
शिकायतकर्ता देव राज के अनुसार करण नशे की हालत में था और उसकी पहनी हुई टी-शर्ट पर खून के धब्बे थे। उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर करण को हिरासत में ले लिया। देव राज ने आरोप लगाया है कि करण ने किसी कठोर वस्तु से अर्जुन के सिर और चेहरे पर वार कर उसकी हत्या की है।
पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी करण नेपाली को गिरफ्तार कर लिया गया और मामले की जांच जारी है- सिद्धार्थ शर्मा, डीएसपी ठियोग