कुल्लू। वर्ष 2023 की आपदा में ब्यास की बाढ़ से क्षतिग्रस्त 50 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल भवन के हिस्से को गिराने का कार्य शुरू हो गया है। साथ ही भवन की सुरक्षा के लिए ब्यास की ओर क्रेटवॉल भी बनाई जाएगी। इस कार्य पर करीब 28 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
50 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल भवन की अधूरी परियोजना को लेकर पिछले सप्ताह ‘करोड़ों फूंके, भवन फिर भी वीरान’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद सरकार, जिला प्रशासन, आयुष विभाग और लोक निर्माण विभाग सक्रिय हुए। मरम्मत कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई। अब लोक निर्माण विभाग ने अस्पताल भवन के क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाने का काम शुरू कर दिया है। इससे वर्षों से अधर में लटकी इस परियोजना के जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है।
वर्ष 2018 में इस आधुनिक आयुष अस्पताल भवन का निर्माण शुरू हुआ था। चार मंजिला भवन का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन 9 और 10 जुलाई 2023 को ब्यास में आई बाढ़ ने मनाली से मंडी तक भारी तबाही मचाई। इस दौरान अस्पताल भवन की निचली मंजिल का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद निर्माण कार्य रोकना पड़ा। अब क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाने के साथ भवन की सुरक्षा के लिए नदी की ओर क्रेटवॉल बनाई जा रही है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता पवन राणा ने बताया कि इस कार्य के लिए 28 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है। निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
....अत्याधुनिक आयुष अस्पताल भवन तैयार होने के बाद कुल्लू के अलावा मंडी, लाहौल-स्पीति और पांगी क्षेत्र के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। अस्पताल में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों के साथ पंचकर्म उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल परिसर में हर्बल गार्डन विकसित करने की योजना भी है।
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