कुल्लू। जिला कुल्लू के अधिष्ठाता देवता टकरासी नाग के नए मंदिर का निर्माण कार्य पूरे युद्धस्तर पर चल रहा है। वीरवार को देवता टकरासी नाग के आदेश पर उनके नवनिर्मित मंदिर में लकड़ी का बना नाला स्थापित किया गया है। यह प्रक्रिया सुबह ही शुरू की गई। इसमें टकरासी नाग के चार गांव के साथ पूरे हारियान क्षेत्र और रघुपुर इलाके लोग मौजूद रहे।
इस दौरान देवता खुडीजल, माता बूढ़ी नागिन बालू, सत्य नारायण फनौटी, नारायण देवता करशाला, रावल ऋषि उपली फनौटी, देवता शांगडू, देवता शेषनाग बिशलाधार सहित अन्य देवी-देवताओं के मुख्य कारकून मौजूद रहे। ढोल-नगाड़ों की थाप पर इस प्रक्रिया को पूरा किया और लकड़ी के नाला को मंदिर में चढ़ाया गया। बताया जा रहा है कि टकरासी में ही देवता टकरासी नाग के इस काष्ठकुणी शैली में बन रहे भव्य मंदिर के निर्माण पर अभी तक एक करोड़ से भी अधिक की राशि खर्च की गई है।
देवता के कारदार अमर सिंह ठाकुर ने कहा कि कुल्लू दशहरा के बाद नवंबर में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इसको लेकर देवता के सभी कारकूनों, हारियानों और देवलुओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा कि वीरवार को मंदिर पर नाला चढ़ाया गया है। इसमें पकरेड़, खेउग, मुहान, शाहनी, बांशा, बिशलाधार, मिउन, चापल, नार, कश्माल, चवेल, लोशटी, जैबाग, कुआ, कुठेड, दरकू, करशाला, फनौटी, बनाला, जुहड़, बालू और बलेहड़ सहित पूरी रघुपुर क्षेत्र के लोग देव कार्य में शामिल हुए। संवाद