पांच महीने से बेरोजगारी का दंश झेली रही ऊझी घाटी की महिलाओं ने पंचायत चुनावों के साथ-साथ विंटर कार्निवाल से भी किनारा कर लिया है। सरकार की बेरुखी पर पलचान, बुरुआ और शनाग पंचायत के दर्जनों महिला मंडलों ने चुनाव में भाग न लेने के साथ-साथ कार्निवाल से भी किनारा कर लिया है।
जगती महिला संघ नग्गर खंड भी इन महिला मंडलों के समर्थन में उतर आया है। महिला संघ की अध्यक्ष गीता देवी, वरिष्ठ उप प्रधान सुदर्शना, बीना, महासचिव जिंदु देवी, सह सचिव पुष्पलता और कोषाध्यक्ष पुष्पा देवी तथा पुनीता का कहना है कि संघ सुख-दुख में ऊझी घाटी के साथ है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार शीघ्र इन प्रभावित महिलाओं की रोजी-रोटी सुनिश्चित नहीं करती है तो संघ के सभी 214 महिला मंडल कार्निवाल से किनारा कर लेंगे। उनका कहना है कि ऊझी घाटी की महिलाएं स्वयं रोजगार के साधन उत्पन्न कर आत्मनिर्भर बनी हुई थीं लेकिन, उनके रोजगार को बंद कर सरकार ने उन्हें न केवल बेरोजगार कर दिया, बल्कि रोजी-रोटी से भी महरूम कर दिया है। उन्होंने कहा कि ऊझी घाटी के दर्जनों महिला मंडलों के आग्रह पर संघ ने यह कदम उठाया है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि बेरोजगार इन महिलाओं की समस्या का शीघ्र समाधान निकाला जाए अन्यथा जगती महिला संघ नग्गर खंड भी इन महिलाओं के साथ कंधे से कंधा मिलकार खड़ा हो जाएगा और हक दिलाने को सड़कों पर उतरने को विवश होगा। ऊझी घाटी की महिलाओं का आरोप है कि वे पिछले पांच महीने से बेरोजगार चल रही हैं, जिस कारण उन्हें रोजी-रोटी के लाले पड़ गए हैं लेकिन प्रदेश सरकार आंखें बंद कर बैठी है। महिला मंडल कुलंग की प्रधान कूबजू देवी, कोठी की प्रधान दविंद्रा देवी, रुआड़, शनाग की राधा व बुरुआ की राधा, गोशाल की प्रभा तथा पलचान की शांति देवी ने बताया कि वे पिछले पांच महीने से प्रदेश सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी रोजी-रोटी की गुहार लगा रही हैं लेकिन कोई भी उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहा है जिस कारण वे पंचायत चुनावों सहित कार्निवाल का बहिष्कार करने को मजबूर हैं। ऊझी घाटी के महिला मंडलों ने विपदा की घड़ी में साथ देने के लिए जगती महिला संघ नगर खंड का आभार जताया है।