कुल्लू। कैबिनेट के फैसले के बाद बुधवार से छोटे बच्चों के स्कूल खुल गए हैं। जिला कुल्लू में पहले दिन हजारों बच्चों ने स्कूलों में उपस्थित दर्ज करवाई। स्कूल आने पर विद्यार्थियों के चेहरों पर अलग सी चमक देखने को मिली। विद्यार्थी अपने सहपाठियों से मिलकर खुश दिखे।
पहले दिन सहपाठियों को अपनी शिक्षा संबंधी समस्याओं के बारे में बताया। स्कूल आने के लिए बच्चों ने सुबह सात बजे ही तैयारियां शुरू कर दी थी। स्कूलों में विद्यार्थी नौ बजे से पहले ही आने शुरू हो गए थे। विद्यार्थी प्राजंल, सोनाक्षी, रोबिन, आर्यन, अमन, संजय, राहुल, अमित, ललित, रीना ने कहा कि कोरोना के कारण वे अपने सहपाठियों से नहीं मिल पाए हैं। लंबी छुट्टियों के बाद कक्षाएं लगने से खुशी मिली है और मित्रों से मिल पाए हैं। कहा कि अब वह अच्छे से अपनी पढ़ाई को जारी रख सकेंगे।
ऑनलाइन पढ़ाई में आती थी परेशानी
प्रेरणा ने कहा कि घर पर रहकर पढ़ाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ऑनलाइन पढ़ाई करने में परेशानी आती रही। नेटवर्क की आने-जाने से भी पढ़ाई करने में बाधा आई। विषय को समझ पाना मुश्किल भरा रहा।
नियमों के साथ स्कूल खोलना सही
साहिल ठाकुर ने कहा कि नियमों के साथ स्कूल खोलना सही है। घर में रहकर पढ़ाई करने में दिक्कतें आती रही हैं। अब दोबारा ऑफलाइन कक्षाएं लगने से पढ़ाई आसान होगी। अध्यापकों की मदद से विद्यार्थियों की परेशानी काफी हद तक दूर होगी।
ऑफलाइन कक्षाओं का मिलेगा लाभ
इशिता ने कहा कि ऑफ कक्षाओं का विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। लंबे समय से स्कूल न आने से पढ़ाई पर असर पड़ा है। अब नियमित तौर पर स्कूलों में कक्षाएं लगने से राहत मिलेगी। वह ऑफलाइन कक्षाओं में अच्छे से पढ़ाई कर सकेंगे।
सहपाठियों के साथ पढ़ने का मौका
सक्षम ने कहा कि स्कूल खुलने से पढ़ाई में सुधार आएगा। पिछले करीब दो सालों से नियमित कक्षाएं नहीं लगने से पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ा है। घरों में रहकर पढ़ाई ठीक से नहीं हो पाई है। अब ऑफलाइन कक्षाओं में सहपाठियों के साथ पढ़ने का दोबारा मौका मिला है।