सूखे जैसे हालात के बीच पौधों की काट-छांट में जुटे जिले के बागवान
नमी की कमी के कारण तौलिये बनाने का काम लटका, बागवान मायूस
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में इस बार सर्दियां बर्फ के बिना गुजर रही हैं। इससे सेब बगीचों में काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है। सूखे जैसे हालात के बीच बागवान पौधों की काट-छांट में जुटे हैं।
नमी की कमी के कारण तौलिये बनाने का अहम कार्य अधूरा रह गया है। बर्फबारी न होने से बागवान मायूस हैं। जनवरी में सेब पौधों की काट-छांट का सिलसिला जारी रहेगा। हालांकि बागवानों को सेब पौधों में तौलिये काट-छांट के बाद बनाने पड़ेंगे।
आम तौर पर सेब पौधों की काट-छांट के साथ तौलिये बनाने का काम शुरू होता था। इस बार बारिश न होने के कारण बगीचों में नमी नहीं है। ऐसे में बागवान तौलिये नहीं पा रहे हैं। हालांकि सेब पौधों में काट-छांट के लिए बागवानों ने विशेषज्ञों को लगाया है जो काट-छांट को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। बागवान टेक चंद ठाकुर, मोहर सिंह, पृथ्वी राज और चेत राम ने कहा कि मौसम को लेकर जो स्थिति बनी हुई है उससे बागवान परेशान हैं।
बागवान बगीचों में पौधों में काट-छांट का कार्य निपटा रहे हैं। हालांकि कई बगीचों में यह कार्य पूरा हो गया है। दिन के समय बगीचों में बागवान व्यस्त देखे जा सकते हैं। सेब पौधों में तौलिये बनाने काम अभी अधूरा है। उन्होंने कहा कि जनवरी के दूसरे पखवाड़े में बर्फबारी होने की उम्मीद है।
कुल्लू सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के महासचिव सुनील राणा ने कहा कि बागवानों व किसानों को समय-समय पर विभिन्न प्रकार की जानकारी दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बगीचों में प्रूनिंग का कार्य जोरों पर है।