राजकीय केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय दियार के विद्यार्थी शेड के नीचे कर रहे पढ़ाई
आपदा में स्कूल भवन में आ गई हैं दरारें, जिले में 200 स्कूलों को हुआ है नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले के राजकीय केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय दियार के नन्हे छात्र-छात्राएं अब टपकती छतों और दरकी दीवारों की जगह खुले आसमान के नीचे बैठकर ज्ञान की ज्योति जलाए हुए हैं।
बारिश ने सिर्फ भवन को नहीं गिराया, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की कमजोर बुनियाद को भी उजागर कर दिया। इन बच्चों ने हार नहीं मानी, इनके हौसले अब भी मजबूत हैं और किताबों से उनकी दोस्ती अब भी जिंदा है।
भारी बारिश के कारण जिले में करीब 200 विद्यालय भवन पूर्ण और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। राजकीय केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय दियार में भी 18 विद्यार्थी आपदा की मार झेल रहे हैं। इन दिनों कक्षाएं खुले आसमान के नीचे लग रही हैं। विद्यालय प्रबंधन इन्हें एक शेड के नीचे पढ़ा रहा है। स्कूल भवन में दरारें आ गई हैं। अलग से बनी रसोई और एक स्टोर रूम गिर गए हैं। खेल मैदान भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
राजकीय केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय दियार में प्री-प्राइमरी और प्राथमिक कक्षाओं में पहली से पांचवीं तक 18 विद्यार्थी पढ़ते हैं। भवन न होने से प्री-प्राइमरी के आठ और प्राथमिक कक्षाओं के दस विद्यार्थियों को दिक्कतें हो रही हैं। अभिभावकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से जल्द सकारात्मक पहल करने की मांग की है जिससे सर्दियों में विद्यार्थियों को ठंड के बीच खुले आसमान के नीचे कक्षाएं न लगानी पड़ें।
उधर, गुणवत्ता शिक्षा एवं प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक डॉ. सुनील दत्त ने कहा कि राजकीय केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय दियार से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार करीब सात लाख रुपये का नुकसान हुआ है। यह आंकड़ा अभी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी, विद्यालय प्रमुख एवं स्कूल प्रबंधन समिति मिलकर विद्यार्थियों की नियमित कक्षाओं के लिए सुरक्षित भवन की तलाश करें। चयनित भवन में कक्षाओं की व्यवस्था विभाग की ओर से की जाएगी।