मणिकर्ण घाटी के बलाथी में पार्वती नदी पर बनाई गई अस्थायी पुलिया से गुजरते स्कूली छात्र।- स्रोत
कुल्लू। आपदा का दंश झेल रहे मणिकर्ण घाटी में बलाथी गांव के लोगों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। वर्ष 2024 में मलाणा डैम फटने के बाद बलाधी गांव में भारी तबाही मची थी। गांव में कई मकान, एक प्राइमरी स्कूल और उपजाऊ जमीन बह गई थी। इसके बाद पार्वती नदी पर अस्थायी पुलिया आवाजाही के लिए बनाई गई है। एनएचपीसी की पार्वती परियोजना के द्वारा लगातार पुलगा डैम से पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में जलस्तर बढ़ने से पुलिया बहने की कगार पर है। ऐसे में ग्रामीणों को आवाजाही के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। स्कूल के विद्यार्थी भी इसी पुलिया से आर-पार होते हैं। पार्वती नदी का बढ़ता पानी कभी भी पुलिया को अपने साथ बहा ले जा सकता है। ऐसे में स्थानीय लोग चिंतित हैं। लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जल्द समस्या का समाधान कर नए पुल का निर्माण किया जाए। पार्वती घाटी के आलम चंद, टेक राम ने कहा कि आने वाले दिनों में बरसात शुरू हो जाएगी। पिछले साल मलाणा डैम फटने से हुए नुकसान की भरपाई अभी तक नहीं हो पाई है। बरसात से पहले सरकार व प्रशासन जरूरी जगह पुल बनाए, जिससे लोगों की मुश्किलें कम हों।
बरशैणी वार्ड से जिला परिषद सदस्य रेखा गुलेरिया ने कहा कि समस्या बेहद गंभीर है, कभी भी हादसा पेश आ सकता है। जिला परिषद की बैठक में भी इस मामले को उठाया गया है, लेकिन अभी तक समस्या जस की तस है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त को इस संदर्भ में अवगत करवाया जाएगा।